फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पेमेंट के लिए तारीख पर तारीख, भड़के किसान बैठे धरने पर, राज्य मंत्री के खिलाफ नारेबाजी

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

शहजादपुर। शुगर मिल बनौंदी की ओर से किसानों की करोड़ों रुपये की बकाया पेमेंट लटकाने के विरोध में किसानों ने शुक्रवार को नारायणगढ़-शहजादपुर रोड को जाम कर दिया। पुलिस मौके पर पहुंची तो किसानों ने शुगर मिल प्रबंधक अश्वनी मित्तल को मौके पर बुलाने की मांग रखी। बाद में मिल प्रबंधन प्रतिनिधि ने मौके पर आकर बताया कि एक करोड़ रुपये की पेमेंट किसानों के खातों में डाल दी है बकाया दस करोड़ 30 अगस्त तक दे दी जाएंगे। इसके बाद किसान शांत हुए। इस दौरान किसानों ने राज्य मंत्री पर भी सवाल उठाए और उनके खिलाफ नारेबाजी की।
शुक्रवार सुबह 10 बजे क्षेत्र के गन्ना उत्पादक शुगर मिल के सामने इकट्ठा होने लगे। धरने की सूचना मिलने पर एसडीएम मौके पर पहुंचे। किसानों का कहना था कि शुगर मिल प्रबंधन पेमेंट के लिए बार-बार तारीख दे रहा है, ऐसे में उन्हें धक्के खाने पड़ रहे हैं। उन्हें कोई दुकानदार उधार सामान देने को राजी नहीं है। उन्होंने बताया कि यमुनानगर, शाहाबाद शुगर मिलों द्वारा गन्ने की बकाया पेमेंट किसानों को की जा रही है, यही एक शुगर मिल है जो प्रशासन व सरकार के दबाव में किसानों की पेमेंट नहीं कर रही है। किसानों का आरोप था कि जैसे यहां के मौजूदा मंत्री कहते हैं मिल वैसे ही पेमेंट करता है।
विज्ञापन

कहां गए बेची गई चीनी का रुपए, मिल प्रबंधन पर हो मुकदमा दर्ज
किसानों का कहना है कि शुगर मिल द्वारा जो चीनी बेची गई है उसके रुपये कहां गए। मिल प्रबंधन के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया जाए। एसडीएम ने कहा कि किसान लिखित में शिकायत दें जिसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद किसानों ने राज्यमंत्री व मिल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शुगर मिल बनौदी के सामने नारायणगढ़-शहजादपुर रोड पर जाम लगा दिया।
मिल प्रबंधन ने पेमेंट के संबंध में दिया लिखित पत्र
डीएसपी अमित भाटिया ने सड़क पर बैठे किसानों से कहा कि जीएम अश्वनी मित्तल शुगर मिल में आ गए हैं। प्रबंधक ने कहा है कि एक करोड़ की पेमेंट उन्होंने किसानों के खातों में डलवा दी है तथा करीब 10 करोड़ की पेमेंट 30 अगस्त तक कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि 6 फरवरी तक की पूरी पेमेंट किसानों को कर दी गई है। किसानों की मांग पर मिल प्रबंधन ने 30 अगस्त तक पेमेंट करने के संबंध में लिखित पत्र किसानों को दिया।
विज्ञापन

पेमेंट नहीं मिली तो दोबारा बनाएंगे रणनीति
भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान मलकीत सिंह ने कहा कि अगर समझौते अनुसार किसानों की यह पेमेंट नहीं की गई तो दोबारा रणनीति बनाई जाएगी। किसान अपने हक के लिए सड़कों पर भी उतरने से गुरेज नहीं करेंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें