दिल्ली के बाद अब अंबाला में 63 करोड़ की लागत से बनने वाला कैंसर केयर टर्सरी सेंटर मरीजों के लिए संजीवनी बनेगा। पूरे प्रदेश में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस यह पहला अस्पताल होगा। जिसका लाभ हरियाणा के कैंसर पीड़ित मरीजों के साथ चंडीगढ़ और आसपास के मरीजों को भी मिलेगा। अब तक कैंसर के इलाज के लिए लोगों को दिल्ली भागना पड़ता था। आधुनिक सुविधाओं से लैस इस भवन के अंदर विदेशों से आने वाली मशीनों से उपचार किया जाएगा। अब तक इस निर्माणाधीन भवन में चीन से पांच लाख की सिटी सिम्यूलेटर मशीन चुकी है। इसी कड़ी में शनिवार को जापान की फ्यूजी फिल्मी कंपनी से करीब पौने दो करोड़ की मैमोग्राफी मशीन भी यहां पहुंची। जल्द ही लीनियर एसलेरेटर और ब्रेक्रीथैरेपी मशीन भी आएगी, जिसकी कीमत करोड़ों में है। अस्पताल में मशीनों की इंस्टालेशन का काम जारी है। विभाग के अनुसार अप्रैल तक मरीजों के इलाज भी शुरू हो जाएगा।
जिले में यह पहली थ्रीडी मैमोग्राफी एक्स-रे मशीन होगी
स्तन कैंसर से निपटने के लिए यह एक बड़ी सौगात होगी। इससे स्तन कैंसर से जूझ रही महिलाओं के लक्षणों का प्रथम चरण में ही पता चल पाएगा और समय पर उपचार कर इस गंभीर बीमारी से भी लड़ा जा सकेगा। बता दें कि जिलेभर में अभी तक किसी नागरिक अस्पताल में मैमोग्राफी की सुविधा नहीं है। मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों या फिर चंडीगढ़ पीजीआई आदि के चक्कर काटने पड़ते थे। इसके अलावा विकल्प के तौर पर दिल्ली जाना पड़ता था। इस भी किसी भी सरकारी अस्पताल में यह सुविधा नहीं है।
एमआरआई रूम के साथ इंस्टाल होगी मैमोग्राफी मशीन
छावनी के नागरिक अस्पताल में इस मशीन को अस्पताल के अंदर एमआरआई, अल्ट्रासाउंड व एक्स-रे ब्लॉक के अंदर ही इंस्टाल किया जाएगा। इसको लेकर वहां स्पेशल कमरा भी तैयार किया जा रहा है। जिसकी दीवारों में एंटी रेडिएशन प्लेट भी लगाई जाएगी। साथ ही दीवारों को दो गुना मोटा किया जाएगा। बता दें कि फिलहाल महिलाएं छावनी के रोटरी अस्पताल में जाकर करवाती हैं मैमोग्राफी से अपनी जांच, या फिर एमआरआई से जरिए स्तन की जांच करवाई जाती है।
हर माह होते हैं तीन से चार ऑपरेशन, ओपीडी भी बढ़ी
छावनी के नागरिक अस्पताल के अंदर कैंसर और सर्जन ओपीडी में स्तन कैंसर के मरीजों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। सर्जन डॉ. पूजा ने बताया कि गांठ की अनदेखी के चलते शुरुआती चरण में उपचार शुरू नहीं पाता है तो ऑपरेशन की जरूरत पड़ती है। हर माह तीन से चार ऑपरेशन भी किए जा रहे हैं।
मैमोग्राफी मशीन के आने से स्तन कैंसर के मरीजों को काफी फायदा मिलेगा। 35 से ऊपर उम्र की महिलाओं को नियमित तौर पर जांच करवानी चाहिए। मैमोग्राफी मशीन के कुछ पार्ट आ चुके हैं और बाकी भी जल्द आ जाएंगे।
-डॉ. राकेश, पीएमओ, छावनी नागरिक अस्पताल