अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। प्रदेश के स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री अनिल विज ने रविवार को सिविल अस्पताल के ओपीडी ब्लाक का उद्घाटन कर कैंट की जनता को नए साल का तोहफा दिया। इस दौरान उन्होंने अपना डिजिटल रिकार्ड भी तैयार कराया। करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए जा रहे दो अन्य ब्लाकों का निर्माण भी जून 2017 तक पूरा हो जाएगा। इस दौरान उन्होंने सरकार की स्वास्थ्य को लेकर तैयार की जा रही अन्य योजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जल्द ही हरियाणा के करीब ढाई करोड़ लोगों के हेल्थ कार्ड तैयार करवाए जाएंगे। उसके इलाज की पूरी हिस्ट्री एक क्लिक पर सामने होगी। इसके लिए निजी एजेंसियों को टेंडर दिए जा चुके हैं।
उन्होंने बताया कि ओपीडी खंड सहित पूरे अस्पताल भवन के निर्माण पर 50 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जा रही है। और इसके शेष दो खंड जून 2017 तक बनकर तैयार हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि 3248 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनाये गये ओपीडी खंड में 50 कमरे, 12 शौचालय, एक लिफ्ट, एसी सहित बेहतर दर्जे के चिकित्सा उपकरण और फर्नीचर उपलब्ध करवाए गए हैं। इस खंड में विभिन्न बीमारियों की ओपीडी की सुविधा उपलब्ध होगी जबकि तीसरी मंजिल पर आयुष विंग स्थापित किया गया है। इस विंग में आयुर्वेदिक, होम्योपैथी, युनानी, सिद्धा सहित अन्य चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करवाई गई हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि 13वें वित्त आयोग के फंड से शीघ्र ही 10 अस्पताल भवन, 15 सामुदायिक और 15 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी बनाए जाएंगे। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजन गुप्ता, आयुष विभाग के महानिदेशक डा. साकेत कुमार, स्वास्थ्य सेवाएं हरियाणा के महानिदेशक डा. प्रवीन गर्ग, उपायुक्त प्रभजोत सिंह, एसडीएम सुभाष चंद्र सिहाग, सिविल सर्जन डा. विनोद गुप्ता, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षक अभियंता आरके गर्ग, कार्यकारी अभियंता डीडी कंबोज, जनस्वास्थ्य विभाग के अधीक्षक अभियंता बीडी भंखर, कार्यकारी अभियंता रमेश कुमार, एसएमओ डा. सतीश कुमार, भाजपा नेता बलविंद्र सिंह, सोम चोपड़ा, जसबीर जस्सी, सुरेंद्र तिवारी, सतपाल ढल, अशोक बवेजा, ओम सहगल, राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य परमजीत सिंह बडौला, केएल सहगल आदि मौजूद रहे।
स्वास्थ्य सेवाओं की योजनाएं
- राजमार्गों पर 40 एंबुलेंस तैनात होंगी, जो आधे घंटे के सफर में निजी अस्पताल, सरकारी अस्पताल या ट्रामा सेंटर तक मरीज को ले जा सकेंगी
- प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में कैथ लैब स्थापित की जाएंगी, पहले चरण में चार जिले शामिल हैं
- अंबाला छावनी सिविल अस्पताल में 45 करोड़ की लागत से कैंसर टरसरी सेंटर बनेगा
- 662 चिकित्सकों की भर्ती प्रक्रिया जारी है, जबकि 2300 पैरामेडिकल स्टाफ की भी भर्ती होगी
इस ओर भी देना होगा ध्यान
- अंबाला जिला में कोई भी बर्न यूनिट नहीं है, जिससे मरीज को रेफर करना पड़ता है
- सीएचसी व पीएचसी लेवल पर स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर नहीं हैं, जबकि इनसे कईं गांव जुड़े हैं
- आपात स्थिति में ब्लड के लिए मरीजों के तीमारदारों को भटकना पड़ता है
- सिविल अस्पतालों में सुविधाओं के साथ-साथ मरीजों की संख्या बढ़ेगी, जिससे असुविधा होगी
- निजी अस्पतालों में लैब टेस्ट की फीस निर्धारित की जाए
- निजी अस्पतालों में ही डाक्टरों की कंसलटेशन फीस भी निर्धारित की जाए
- जैनरिक दवाओं के स्टोर अंबाला में खोले जाएं, ताकि मरीजों को सस्ती दवाएं उपलब्ध हो सकें
- सिविल अस्पतालों में दवाओं की कमी को पूरा किया जाए और विशेषज्ञ डाक्टरों की जल्द से जल्द भर्ती हो
- ट्रामा सेंटर में विशेषज्ञ डाक्टरों की तैनाती हो और स्टाफ पूरा किया जाए
संस्थाओं ने किया स्वागत
सहायता सदन के बृजमोहन गुप्ता, अश्वनी सलवान, ज्ञान बंसल, वीरेंद्र वाही, सुरेश, राज कुमार अरोड़ा, अनिल खरबंदा, नवीन जैन, शैली जैन, विजय सलवान, सुबोध अरोड़ा कहा कि नागरिक अस्पताल की नई ओपीडी के शुरू हो जाने से अंबाला छावनी वासियों एवं आसपास के नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इससे लोगों की प्राइवेट अस्पतालों पर निर्भरता कम होगी ।
उधर, जिला तैराकी संघ उपप्रधान अशोक शर्मा ने कहा कि इस अस्पताल की नई ओपीडी शुरू हो चुकी है, जबकि अब मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। राजनीतिक खींचतान का शिकार रहे अंबाला का विकास अब तेजी से हो रहा है।