स्टेशन पर दर्द से कराहती रही गर्भवती, 40 मिनट बाद पहुंची एंबुलेंस
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। यहां रेलवे स्टेशन पर लापरवाही का मामला सामने आया है। पति के साथ ट्रेन में सफर कर रही गर्भवती महिला को पेट में दर्द होने पर आरपीएफ की महिला स्टाफ ने उतारकर स्टेशन के बाहर पहुंचा दिया, लेकिन एंबुलेंस नहीं आने के कारण वह करीब 40 मिनट तक जमीन पर कराहती रही। इस दौरान वहां भीड़ जमा हो गई। बाद में सिटी सिविल अस्पताल से एंबुलेंस आने पर महिला को कैंट सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। अब उसकी हालत स्थिर है।
बता दें कि आरपीएफ को कंट्रोल रूम से सूचना मिली कि गुरमुखी एक्सप्रेस (नं. 12623) से गर्भवती महिला चंदा देवी अपने पति मदन के साथ अंबाला आ रही है। उसे अचानक पेट में दर्द शुरू हो गया है। ट्रेन सुबह करीब 10.20 बजे प्लेटफार्म नंबर चार पर पहुंची। वहां पहले से ही आरपीएफ की सब इंस्पेक्टर सुमन अपनी टीम के साथ मौजूद थीं। उन्होंने गर्भवती महिला को नीचे उतारा और उसे स्टेशन के बाहर लेकर आईं। आरपीएफ कर्मचारी ने फोन करके रेलवे एंबुलेंस व डाक्टर की सुविधा मांगी, लेकिन काफी देर तक न ही एंबुलेंस पहुंची और न ही कोई डाक्टर पहुंचा। इसके बाद उन्होंने टोल फ्री नंबर पर फोन किया और करीब 11 बजे सिटी सिविल अस्पताल से एंबुलेंस आई।
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लोगों ने दिखाई इंसानियत
बिहार के मुंगोर जिला के बंदरपुला गांव निवासी मदन अपनी पत्नी चंदा के साथ सरहिंद से अंबाला आ रहा था। उसने बताया कि अचानक दर्द होने पर कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। इसके बाद आरपीएफ की टीम पत्नी को स्टेशन के बाहर लाई। इस दौरान लोगों ने इंसानियत दिखाते हुए उसे पानी पिलाया और हरसंभव सहायता की। सरदार गुरमीत सिंह ने बताया कि वह अपनी गाड़ी लाने जा रहा था तभी एंबुलेंस आ गई।
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कोट
हमें जैसे कंट्रोल रूम से जानकारी मिली तभी आरपीएफ सब इंस्पेक्टर सुमन व अन्य कर्मचारियों को प्लेटफार्म नंबर चार पर भेजा गया। महिला को स्टेशन से बाहर लाकर एंबुलेंस के लिए फोन किया गया। जब रेलवे एंबुलेंस के कर्मचारी की तरफ से कोई रिस्पांस नहीं मिला तो टोल फ्री नंबर पर फोन करके एंबुलेंस को मंगाया गया।
- आरएस सिंह, एसएचओ, आरपीएफ।