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खुलेआम हो रहा राष्ट्र ध्वज संयिता का उल्लंघन

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अंबाला सिटी। केंद्र सरकार ने राष्ट्र ध्वज तिरंगे के अपमान को रोकने के लिए ध्वज संहिता का सजगता से पालन करने के लिए निर्देश दिए हुए हैं। इसके लिए राष्ट्र ध्वज का सम्मान सुनिश्चित करने वाले कानूनी प्रावधानों में भी कड़े कानून बनाए गए हैं और सभी अधिकारियों को इन कानूनों को सख्ती से पालन करने के भी निर्देश दिए गए हैं लेकिन शहर में प्रशासन की नाक तले तिरंगे के अपमान हो रहा है और प्रशासन सब देख मूक बधिर बना हुआ है।
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सिटी के ओल्ड दिल्ली रोड स्थित आइलेट्स की ट्रेनिंग करवाने तथा विदेश जाने के लिए वीजा व टिकट का इंतजाम करने वाली एक निजी संस्था द्वारा भारतीय राष्ट्र ध्वज तिरंगे का अपमान किया जा रहा है। संस्थान के शिखर पर तीन देशों के झंडे लगे हैं, जिनमें से एक भारतीय राष्ट्र ध्वज तिरंगा भी है। हालत यह है कि यह झंडे कभी बदले ही नहीं गए और बुरी तरह से फटे हुए हैं। न तो इस ओर संस्थान के संचालक कोई ध्यान दे रहे हैं और न ही प्रशासन की नजर अभी तक इस पर पड़ी है जबकि नियमानुसार फटा हुआ व मैला तिरंगा कहीं भी फहराया नहीं जा सकता। इतना ही नहीं यह तिरंगा झंडा आधा नीचे की तरफ झुका भी हुआ है और इसके बराबर में दूसरे देशों के झंडे भी लगाए गए हैं। राष्ट्र ध्वज संहिता के नियमों के साथ खुलेआम उल्लंघन के बावजूद जिला प्रशासन मौन है।

क्या हैं नियम
जब भी राष्ट्र ध्वज फहराया जाए तो उसे सम्मान पूर्ण स्थान दिया जाए। उसे ऐसी जगह लगाया जाए जहां से वह स्पष्ट रूप से दिखाई दे। राष्ट्र ध्वज सूर्य उदय से सूर्य अस्त तक फहराया जाता है और सूर्य अस्त के समय उसे सम्मानपूर्वक उतार लिया जाता है। रात के समय तिरंगा फहराए जाने वाले स्थान पर उचित लाइट व्यवस्था की जाती है जिससे तिरंगा स्पष्ट रूप से दूर से दिखाई दे सके। फटा या मैला झंडा नहीं फहराया जा सकता। झंडा सिर्फ राष्ट्रीय शोक के समय ही आधा झुका हुआ रह सकता है। किसी दूसरे झंडे या पताका को राष्ट्रीय झंडे से ऊंचा या ऊपर नहीं लगाया जा सकता, न ही बराबर में रखा जा सकता है। झंडे पर कुछ भी लिखा या छपा नहीं होना चाहिए।
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फटा हुआ तिरंगा नहीं लगाया जा सकता
कानून के जानकार अधिवक्ता संदीप सचदेवा के अनुसार राष्ट्रीय ध्वज संहिता के अनुसार फटा हुआ तिरंगा नहीं फहराया जा सकता। साथ ही तिरंगा किसी राष्ट्रीय शोक के समय ही झुकाया जा सकता है अन्यथा वह स्पष्ट रूप से सीधा और स्पष्ट दिखाई देना चाहिए। सचदेवा के अनुसार यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि अन्य देशों के झंडे किस लिए लगाए गए हैं। यदि कोई विदेशी व्यक्ति भारत में व्यापार कर रहा है तो वह अपने संस्थान पर दोनों देशों के झंडे लगा सकता है लेकिन उसके देश में हुए किसी प्रकार के राष्ट्र शोक के लिए वह केवल अपने देश का झंडा ही आधा झुका सकता है लेकिन भारतीय राष्ट्र ध्वज नहीं झुका सकता।
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