कोचिंग से बनाई दूरी, घर की जिम्मेदारी भी निभाई पूरी, अब टॉपर बनकर छाईं छोरी
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा घोषित 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणामों में जिले में एक बार फिर बेटियों ने बाजी मारते हुए यह साबित कर दिया है कि वे बेटों से कम नहीं है और बोझ नहीं बल्कि परिवार का गौरव है। साधारण परिवार में जन्मी इन बेटियों ने न तो कोई कोचिंग ली और न ही कभी घर की जिम्मेदारी निभाने से किनारा किया। जिले में टॉपर रहने वाले विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए तो सामने आया कि कड़ी मेहनत और बेहतर समय प्रबंधन के बलबूते कठिन से कठिन लक्ष्य भी आसानी से हासिल किया जा सकता है।
ये वे बेटियां हैं जिन्होंने स्कूल पढ़ाई के साथ-साथ घर की जिम्मेदारियों को बखूबी से निभाया और कभी परिवार को बोझ समझने का मौका तक नहीं दिया। इन होनहारों में कई चार्टर्ड अकाउंटेंट तो कुछ आईएएस बनने का सपना संजोए हुए है। वहीं परिवार भी इन बेटियों के सपनों को साकार करने के लिए हर मुश्किल झेलने के लिए तैयार हैं।
पिता दर्जी, बेटी ने 91 प्रतिशत अंक हासिल कर सीना किया चौड़ा
कपड़ों की सिलाई कर परिवार का पोषण कर रहे तोपखाना एरिया निवासी 47 वर्षीय अजय कुमार 8वीं पास हैं। बेशक वह पारिवारिक परिस्थितियों के चलते पढ़ नहीं पाए। मगर, बेटी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की छात्रा सिमरन ने (आर्ट्स में 91 प्रतिशत) अंक हासिल कर टॉपर बनकर पिता का सीना चौड़ा कर दिया। बेटी की इस उपलब्धि से परिवार फूले नहीं समा रहा है। सिमरन का सपना आईएएस बनने का है, वहीं पिता भी उसके सपने को साकार करने के लिए हर मुसीबत को उठाने के लिए तैयार हैं। सिमरन बताती हैं कि उसने कड़ी मेहनत की और इसके लिए कोई किसी तरह कोचिंग भी नहीं ली। स्कूल से छुट्टी होने के बाद भी वह घर पर आठ घंटे पढ़ती थी। यहां तक पढ़ाई के दौरान चश्मा भी लग गया, मगर उसने पढ़ना नहीं छोड़ा। सिमरन का सपना है कि वह आईएएस बने, इसके लिए पूरी लगन से पढ़ाई कर रही है।
‘आज पापा होते तो सीने से लगा लेते’
रामनगर की सुनैना वशिष्ठ को जहां पास होने की खुशी है वहीं पापा के न होने का गम भी है। राय मार्केट के जैन सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा सुनैना ने आर्ट्स में 91 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। सुनैना कहती है कि अगर आज पापा होते तो वे सीने से लगा लेते। सुनैना ने बताया कि उनके परिवार में दो बहन, एक भाई और मां प्रेम वशिष्ठ है। पापा का देहांत एक महीने पहले हो गया था। भाई वेब डेवलपर है जिनके द्वारा ही घर का खर्च चल रहा है। सुनैना ने बताया कि वह रोजाना 7 से 8 घंटे पढ़ती थी। घर के सभी सदस्यों ने भी उसे पूरा स्पोर्ट किया है। इसके अलावा परीक्षा उत्तीर्ण के लिए कोई अलग से कोचिंग भी नहीं ली है।
वैज्ञानिक बनकर करूंगी देशसेवा
जैन गर्ल्स स्कूल की छात्रा एवं एकता विहार निवासी कुमुद शर्मा ने नॉन मेडिकल में 90.6 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। कुमुद का 8वीं क्लास से ही वैज्ञानिक बनकर देशसेवा करने का सपना है। कुमुद ने बताया कि यह परीक्षा उसने सेल्फ स्टडी से की और अलग से कोई कोचिंग भी नहीं ली है। परीक्षा के दिनों में वह सुबह और शाम 7 से 8 घंटे लगातार पढ़ती थी। इसके लिए परिजनों ने भी खूब साथ दिया। इसके अलावा वह अन्य स्टूडेंट को यही कहना चाहती हूं कि मेहनत कभी बेकार नहीं जाती है बस इसके लिए लगन की जरूरत है।
मेहनत से हर मुश्किल आसान
राय मार्केट के जैन गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा श्रुति ने कॉमर्स स्ट्रीम में 93.6 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। श्रुति का कहना है कि मेहनत कठिन जरूर होती है अगर सच्ची लगन से की जाए तो हर मुश्किल आसान हो जाती है। इस सोच के साथ वह स्कूल से आने के बाद नौ घंटे घर पर भी बैठकर पढ़ाई करती थी। इसके लिए कोई अलग से कोचिंग भी नहीं ली है। श्रुति के पिता अरुण किशोर कैंट में ही वाद्ययंत्र की शॉप चलाते हैं। श्रुति का भी सपना चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने का है जिसके लिए वह कड़ी मेहनत कर रही है। इसमें परिवार के सदस्यों का भी पूरा सहयोग मिल रहा है।