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- एसडी विद्या स्कूल का विवाद मंत्री दरबार में, बिना वजह बच्चों के नाम काटने का आरोप
- स्कूल ने कहा, 175 बच्चों के अभिभावकों ने जमा करवाए हैं ड्यूज
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। एसडी विद्या स्कूल से चार सौ बच्चे का नाम कटने का मामला जहां मंत्री दरबार में पहुंच गया, वहीं अभिभावकों ने जमकर हंगामा किया। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन अभिभावकों पर दबाव बनाकर ड्यूज (बकाया) देने को कह रहा है, जबकि इसी को लेकर स्कूल से नाम काटे गए हैं। बताया जाता है कि करीब 175 अभिभावकों ने यह ड्यूज दिए हैं, जबकि अन्य अभी स्कूल के रोल पर नहीं हैं यानि उनकी हाजिरी नहीं लग रही और न ही उनकी कापियां चेक हो रही हैं।
स्कूल द्वारा शिक्षा सत्र 2014-15 के ड्यूज को लेकर अभिभावकों को यह राशि जमा करवाने के निर्देश दिए थे। लेकिन यह मामला अधिकारियों के पास चला गया, जिसकी जांच भी की गई। इसके बाद भी यह मामला ठंडा नहीं हुआ, जबकि स्कूल प्रबंधन ने इन विद्यार्थियों के अभिभावकों को नोटिस थमा दिए। इसी को लेकर अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ अपना विरोध भी जताया, जबकि शिक्षा विभाग से लेकर उच्चाधिकारियों के दरवाजे पर दस्तक दी। अब चालू शिक्षा सत्र में इसी ड्यूज को लेकर अब स्कूल द्वारा करीब चार सौ विद्यार्थियों के नाम स्कूल से काट दिए गए हैं। इसी पर अभिभावक भड़क गए और वीरवार को अंबाला कैंट में मंत्री दरबार में पहुंच गए। यहां पर अभिभावकों ने इस बारे में मंत्री अनिल विज से शिकायत की। अभिभावकों ने कहा कि जिस तरह से स्कूल प्रबंधन द्वारा बच्चों के नाम काटे गए हैं, वह गलत है, जबकि स्कूल गलत ड्यूज निकाल रहा है। यदि इसी तरह से स्कूल प्रबंधन ने अड़ियल रवैया अपनाए रखा, तो विद्यार्थियों का भविष्य खराब हो जाएगा। अभिभावकों ने यहां तक कह दिया कि जिन बच्चों के नाम काटे गए हैं, उनको स्कूल में तो आने दिया जा रहा है, लेकिन न तो उनकी कापियां चेक की जा रही हैं और न ही उनकी ओर कोई ध्यान दिया जा रहा है। अभिभावकों ने बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए निकाले गए बच्चों को स्कूल में दाखिल करवाने और उनकी अर्धवार्षिक परीक्षा करवाने के लिए शिक्षा विभाग को हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया।
स्कूल ने चार सौ बच्चों के नाम काटे हैं, जबकि इनमें से 175 बच्चों के ड्यूज जमा हो चुके हैं, जिनको दोबारा स्कूल में ले लिया गया है। जो बच्चे रह गए हैं, उनको स्कूल आने से मना नहीं किया गया है, लेकिन वे स्कूल के रोल पर नहीं हैं। जिन बच्चों के ड्यूज शेष हैं, वे जमा करवाते हैं, तो राहत मिल सकती है, लेकिन स्कूल पूरी तरह से कानून के दायरे में रहकर ही कदम उठा रहा है।
- नीलइंद्रजीत कौर संधू, डायरेक्टर प्रिंसिपल, एसडी विद्या स्कूल
एसडी विद्या स्कूल पूरी तरह से मनमानी कर रहा है। इसी को लेकर मंत्री अनिल विज से मिले थे, जबकि सारी बात बताई गई है। फिलहाल मंत्री ने शिक्षा अधिकारियों को नियम अनुसार कार्रवाई करने के दिशा निर्देश दिए हैं।
- अजय गुप्ता, प्रधान पेरेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन
खंड शिक्षा अधिकारी को मामले के समाधान और विभाग के उच्च अधिकारियों के माध्यम से बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। किसी भी बच्चे का साल खराब नहीं होने दिया जाएगा।
- अनिल विज, स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री