स्मार्ट कैंटोनमेंट बनने की राह पर अंबाला कैंटोनमेंट बोर्ड ने अब सीबीए लेक पर अमेरिकन तकनीक पर आधारित मॉस्किटो किलिंग मशीन लगा दी है। दावा है कि एक किलोमीटर क्षेत्र में यह मशीन मच्छरों का सफाया कर देगी। अभी बोर्ड ने ट्रायल के तौर पर इस एक मशीन को तोपखाना परेड पर स्थित सीबीए लेक के पास लगाया है। परिणाम सकारात्मक रहे तो बोर्ड इस मशीन को उन स्थानों पर आगामी दिनों में लगाएगी जिन क्षेत्रों में डेंगू का खतरा ज्यादा है। बोर्ड अधिकारियों की मानें तो इस मशीन को लगाने में अंबाला कैंटोनमेंट देशभर के कैंटोनमेंट में सबसे अव्वल है। प्रत्येक मशीन की लागत करीब दो लाख रुपये है।
इस तरह सफाया करेगी मशीन मच्छरों का
मच्छर कार्बन डॉयक्साइड एवं मनुष्य के शरीर से निकलने वाली ऊष्मा की ओर आकर्षित होते हैं। इसी तर्ज पर मॉस्किटो किलिंग मशीन बनाई गई है जिसमें कार्बन डॉयक्साइड गैस का इस्तेमाल होता है। मशीन निर्धारित समय में गैस छोड़ती है जिससे मच्छर इस मशीन की ओर आकर्षित होते हैं और मशीन के पास आते ही इसमें लगी इलेक्ट्रिकल शॉक से मर जाते हैं। यह मशीन बड़ी मात्रा में मच्छरों को अपनी ओर आकर्षित करती है। मशीन में टाइमर फिक्स है जोकि सुबह व शाम कार्बन डॉयक्साइड ज्यादा मात्रा में छोड़ती है और इसी समय मच्छरों की भरमार ज्यादा होती है। एक एकड़ क्षेत्र तक मशीन मच्छरों को अपनी ओर खींचती है।
बीस दिन बाद तय होंगे नतीजे
बोर्ड अधिकारियों की देखरेख में सीबीए लेक के साथ पार्क में इस मशीन को लगाया गया है। बीस दिनों बाद नतीजों का आंकलन किया जाएगा जिसके बाद कोई निर्णय होगा। इतना ही नहीं यदि मशीन का ट्रायल कामयाब रहा तो इस मशीन को तोपखाना, लालकुर्ती व अन्य इलाकों में भी लगाया जाएगा।
- अभी ट्रायल के तौर पर मशीन को लगाया गया है। इस मशीन को देशभर में सबसे पहले अंबाला कैंटोनमेंट क्षेत्र में लगाया गया है। एक मशीन करीब दो लाख रुपये लागत की है। यदि नतीजे सही रहे तो और मशीनें लगाई जाएंगी।
- वरुण कालिया, सीईओ, कैंटोनमेंट बोर्ड, अंबाला।