‘सरकार ने तीन वर्ष का बकाया पैसा नहीं दिया, जब पैसा जाएगा तो एडमिशन दे दिया जाएगा’
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
निजी स्कूलों की मनमानि शिक्षा विभाग पर हावी होती जा रही है। नियम 134-ए के तहत जिन बच्चों को अब तक निजी स्कूलों में एडमिशन मिल जाना चाहिए था वह अभी भी धक्के खा रहे हैं। शुक्रवार को अभिभावकों के सब्र का बांध टूट पड़ा। पहले वह बीईओ कार्यालय में गए, यहां पर बीईओ से स्पष्ट कार्रवाई का आश्वासन नहीं मिला। परेशान अभिभावक एकजुट होकर सुबह मंत्री अनिल विज के शास्त्री कॉलोनी आवास पर पहुंच गए। उन्होंने कहा कि निजी स्कूल संचालक एडमिशन नहीं दे रहे और उलटा उनसे बदतमीजी कर रहे हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारी इस संबंध में उनकी सुनने को तैयार नहीं है जबकि वह प्रतिदिन परेशान हो रहे हैं। उधर, मंत्री विज ने अभिभावकों से बातचीत की और कहा कि इस संबंध में डीईओ से बात की गई है और जल्द उन्हें एडमिशन मिलेगा।
‘पैसा दे दो और एडमिशन करा लो’
मंत्री अनिल विज के आवास पर फरियाद लेकर खड़े अभिभावक कृष्ण कुमार, सारिका, राकेश, ऋषभ, चरणजीत, रमन, रचना, प्रिया, अमरजीत, रजनी, सीमा, चेतन, मुकेश, नीरज, आरती आदि ने कहा कि लगभग 35 बच्चों का नंबर एक स्कूल में लगा है। वह सभी बीते तीन दिनों से स्कूल में बच्चों की एडमिशन के लिए जा रहे हैं, मगर वहां उनसे कोई ढंग से बात नहीं कर रहा है। वह प्रिंसिपल से भी मिले, मगर प्रिंसिपल ने उन्हें दो टूक कहा कि पैसे दे दो और एडमिशन करा लो। अभिभावकों ने कहा कि यह सरकार के आदेश हैं तो प्रिंसिपल ने उन्हें जवाब दिया कि सरकार ने स्कूल में तीन वर्ष का बकाया पैसा नहीं दिया है और जब वह आ जाएगा तो एडमिशन दे दिया जाएगा। अभिभावकों ने यह भी आरोप लगाया कि स्कूल स्टाफ ने उनसे बुरा बर्ताव भी किया।
अन्य स्कूलों में भी यही स्थिति
मौके पर मौजूद अन्य अभिभावकों ने भी बताया कि उनके बच्चों के एडमिशन भी अलग-अलग निजी स्कूलों में होने हैं। मगर एडमिशन नहीं मिल रही है। कभी उनसे 12 हजार रुपये एनुअल चार्ज मांगे गए। इस संबंध में उन्होंने कई बार शिकायत भी मगर शिक्षा विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने बताया कि वह कैंट बीईओ कार्यालय में प्रतिदिन शिकायत लेकर जा रहे हैं, मगर बावजूद इसके सुनवाई नहीं हो रही। बीईओ लिखित शिकायत देने को बोल रहे हैं जबकि एडमिशन नहीं मिलने का मामला उनके सामने अभिभावक रख रहे हैं।
दसवीं के विद्यार्थियों को नहीं दे रहे एडमिशन
अभिभावक अंकित, मुकेश व अन्य ने बताया कि उनके बच्चों का एडमिशन दसवीं में होना है, मगर स्कूल संचालक उनके बच्चों को एडमिशन नहीं दे रहे हैं। वह साफ कह रहे हैं कि जिस स्कूल से नौवीं कक्षा उत्तीर्ण की है वहीं से दसवीं करो। वह दसवीं में बच्चों का एडमिशन ही नहीं कर रहे।
15 अप्रैल से खा रहे धक्के
अभिभावकों ने बताया कि नया सेशन आरंभ हुए एक माह हो गया है। 15 अप्रैल को उनके बच्चों का नियम 134-ए के तहत पेपर था और रिजल्ट 18 अप्रैल को घोषित हुआ। वह सभी तभी से स्कूलों में धक्के खा रहे हैं। अभी तक उनके बच्चे घर बैठे हैं और उन्हें यह पता नहीं कि बच्चों का एडमिशन होगा भी या नहीं।
मंत्री बोले डीईओ से हुई बात, होगी कार्रवाई
अभिभावक जैसे ही स्वास्थ्य मंत्री से मिले तो उन्होंने अपनी समस्याएं बताई। मंत्री विज ने कहा कि इस संबंध में उन्होंने डीईओ से बात की है और जल्द इस मामले में कार्रवाई होगी। उन्होंने अभिभावकों को डीईओ से बात करने को कहा।
सिटी में बीईओ ने किया स्कूलों का दौरा
बीईओ सुधीर कालड़ा ने शुक्रवार कई स्कूलों का दौरा किया। खंड शिक्षा अधिकारी सुधीर कालड़ा ने कहा कि यह दौरा निरंतर जारी रहेगा। आज दो स्कूलों का दौरा किया गया है। इसी तरह रोज स्कूलों का दौरा किया जाएगा, ताकि पता लग सके कि किन-किन स्कूलों में नियम 134 ए के तहत परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्रों को दाखिला लेने में दिक्कत आ रही है।
अभिभावकों की शिकायत आई थी जिसके बाद कार्रवाई के लिए डीईओ से बात की गई है। जल्द इस मामले में कार्रवाई होगी।
अनिल विज, स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री।