समान फंड अलॉटमेंट पर हंगामा, वार्डों को पहले दिए सात लाख, विरोध बढ़ने पर 15 लाख मिले
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी।
एडीसी कार्यालय में बुधवार को हुई जिला परिषद की बैठक हंगामे के साथ शुरू हुई और हंगामे के साथ ही खत्म। बैठक के दौरान विकास कार्यों के लिए फंड वितरण के मामले में जिला परिषद सदस्यों में खूब नोकझोंक हुई। फंड वितरण पर जिला परिषद चेयरमैन सुरेंद्र सिंह और वाइस चेयरमैन रजनीश के बीच बहस भी हुई और आरोप प्रत्यारोप का दौर भी चला। बैठक के दौरान सभी वार्ड में सात-सात लाख रुपये आवंटित करने की घोषणा हुई तो अधिकतर ने इस राशि को कम आंकते हुए 30-30 लाख करने की मांग की। हंगामा बढ़ा तो आखिर में प्रत्येक वार्ड में विकास के लिए 15-15 लाख रुपये आवंटित किए गए। बैठक करीब आधा घंटा देरी से शुरू हुई जिसमें जिला परिषद के सभी 15 सदस्य मौजूद रहे।
बैठक में सचिव ने एजेंडे के अनुसार कार्रवाई शुरू करवाते हुए सबसे पहले 19 फरवरी को हुई बैठक कार्रवाई की पुष्टि करवाई। इसके बाद बताया कि वैट स्कीम के तहत 68, 87634 रुपये और स्टेट फाइनेंस कमीशन के तहत प्राप्त राशि चार करोड़ रुपये को विकास कार्यों पर खर्च किया जाना है। वाइस चेयरमैन रजनीश शर्मा, विपक्षी नेता मक्खन सिंह लबाना, कांग्रेस के गुरविंद्र सिंह सहित अन्य सदस्यों ने सभी वार्डों में समान विकास करवाने के लिए बराबर राशि देने की मांग की। उन्होंने कहा कि राशि बराबर अलॉट होनी चाहिए। इस पर चेयरमैन ने कहा कि प्रत्येक मेंबर को 7-7 लाख रुपये विकास के आवंटित कर रहे हैं, इसके लिए सभी मेंबर अपने-अपने एस्टिमेट भिजवा दें। इस बात को लेकर वाइस चेयरमैन, इनेलो और कांग्रेस के सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया और कहा कि जिला परिषद में जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। सदस्यों ने कहा कि 7-7 लाख रुपये राशि से क्या होगा। उन्होंने प्रत्येक वार्ड को 30-30 लाख रुपये विकास के लिए देने की मांग की। मगर चेयरमैन ने इस पर सहमति नहीं जताई।
इस दौरान वाइस चेयरमैन रजनीश बोले कि मात्र सात लाख रुपये से क्या होगा, बाकी राशि को चेयरमैन कहां खर्च करेंगे। इस पर अन्य सदस्य भी भड़क गए। डिप्टी सीईओ ने मामले में मध्यस्ता करते हुए सदस्यों का शांत करवाया और कहा कि चेयरमैन सहित सभी सदस्य हाउस और सदस्यों की मर्यादा की सीमा न लांघें।
इसी बीच भाजपा के मनदीप राणा ने कहा कि जो भी होगा हाउस की मर्जी से होगा, किसी के दबाव में नहीं। उन्होंने कहा कि विपक्ष के सदस्य बराबर का फंड लेकर भी यह सरकार और चेयरमैन की आलोचना करने से बाज नहीं आ रहे, इनको कोई फंड नहीं दिया जाना चाहिए। बैठक में विरोध ज्यादा होने पर अंत में विकास का मसौदा 15-15 लाख रुपये में हुआ। घोषणा हुई कि सभी वार्डों में 15-15 लाख रुपये की राशि को बांटा जाएगा। इस दौरान गुरविंद्र सिंह, बलबीर पूनिया, करनैल, डिंपल आदि सदस्य मौजूद रहे।
15 दिन में एस्टिमेट देने को कहा
चेयरमैन ने सभी सदस्यों से कहा कि वे अपने वार्ड के जरूरी विकास कार्यों के लिए एस्टिमेट 15 दिन में परिषद सचिव को दें, ताकि आवश्यक औपचारिकताएं करवाने के बाद काम शुरू किया जा सके। बैठक में वार्ड नंबर 1 से पार्षद दर्शना देवी ने प्रधानमंत्री आवास योजना और बीपीएल सर्वे की मांग रखी तो वार्ड नंबर दो से नीना गुप्ता ने बस चलाने और दूषित पानी की समस्या को हल करवाने की मांग की। वहीं स्वास्थ्य विभाग की उप सिविल सर्जन डॉ. विमला आनंद ने सभी पीएचसी के सुधार के लिए दिए गए पैसे से तुरंत काम करवाने की मांग की। करनैल सिंह नगला ने गांव के एक समुदाय की बस्ती से नाला पैसे आने के बावजूद न बनने पर रोष जताया।