घायल युवक को एडमिट करने से किया इंकार, मंगेतर ने जताया विरोध तो किया भर्ती
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
सिविल अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पीजीआई से आए घायल को डॉक्टरों ने अस्पताल में भर्ती करने से इंकार कर दिया। घायल करीब एक घंटे तक बाहर वाहन में ही बैठा रहा। घायल युवक के साथ आई मंगेतर ने जब अस्पताल प्रशासन की इस कार्यप्रणाली को लेकर रोष जताया तो डॉक्टरों ने उसे आनन-फानन में भर्ती किया।
सिविल अस्पताल में मौजूद रामनगर निवासी निकिता ने बताया कि 32 वर्षीय मंगेतर दिनेश वीरवार तड़के जीटी रोड पर राजपुरा के पास सड़क हादसे में घायल हो गया था। दिनेश को राजपुरा के ही सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां से उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया था। दिनेश के मुंह पर गहरे घाव थे जबकि बाजूओं पर भी गंभीर चोट लगी थी। वह कार में ही फंस गया था और उसे बमुश्किल बाहर निकाला जा सका। वीरवार सुबह ही वह पीजीआई चंडीगढ़ पहुंच गए थे और शुक्रवार सुबह कैंट सिविल अस्पताल में दाखिल कराना चाहा। निकिता का आरोप है कि इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर ने उसे भर्ती करने से इंकार कर दिया। निकिता ने आरोप लगाते हुए कहा कि डॉक्टर ने यहां तक कहा कि दिनेश की बाजूओं में जो फैक्चर हुआ है उसका ऑपरेशन भी एक-दो माह बाद ही होगा। निकिता ने जब इस मामले को लेकर अस्पताल में ही विरोध जताया तो डॉक्टरों ने फिर दिनेश को अस्पताल में भर्ती कर लिया। उधर, ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर राजीव कुमार ने युवती के आरोपों को नकारा। उन्होंने कहा कि घायल को पूरा इलाज दिया जा रहा है और सभी आरोप बेबुनियाद हैं।