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गांव जलूबी की पूजा चावला ने हासिल किया मुकाम, अब नजर माउंट एवरेस्ट पर

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अमर उजाला ब्यूरो
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बराड़ा। गांव जलूबी में जनमी पूजा चावला ने हिम्मत और जज्बे की बदौलत वह मुकाम हासिल किया है जिसका सपना हर कोई देखता है। पर्वतारोहण में उसके कदम जब माउंट टिब्बा चोटी की ओर बढ़े तो उसे फतह करने के बाद ही रुके। पूजा के इस हौसले पर गांव वालों को नाज है और अब पूजा का अगला टारगेट माउंट एवरेस्ट है। उल्लेखनीय है कि पूजा का जन्म गांव जलूबी में हुआ, जबकि पंजाब के गांव खनौरी में रहने वाली उसकी मौसी ने उसे गोद ले लिया था।
पूजा ने बताया कि उसका बचपन काफी अभाव में बीता है, लेकिन उसने कभी हिम्मत नहीं हारी। स्कूल में पढ़ते हुए उसे एक किताब मिली, जिसमें उसने माउंट एवरेस्ट की फोटो देखे। यहीं उसने तय किया कि उसने माउंट एवरेस्ट को फतह करना है। यहीं से शुरू हुआ पूजा के मन में पर्वतारोही बनने का सपना। उन्होंने बताया कि पर्वत पर पहुंचने की इच्छा अपने अध्यापक को बताई, तो उन्होंने उसका हौसला बढ़ाया और उसे काफी महत्वपूर्ण जानकारियां भी दीं। इसी दौरान पूजा की मुलाकात माउंट एवरेस्ट फतह करने वाले टोहाना निवासी रामलाल शर्मा से भी हुई, जिन्होंने महत्वपूर्ण टिप्स भी दिए। इसके बाद कश्मीर से पर्वतारोहण का कोर्स भी किया।
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रास्ते में आई कई परेशानियां, नहीं हारी हिम्मत
पूजा ने बताया कि उन्होंने मनाली में माउंट टिब्बा चोटी को फतह करने की ठानी। यह चोटी करीब सात हजार फुट ऊंची है। उन्होंने बताया कि इस चोटी पर जब चढ़ना शुरू किया तो इस दौरान दो बार भूकंप के झटके भी लगे। तापमान भी काफी कम था, जबकि अन्य कठिनाइयां भी सामने आईं। लेकिन मन में सिर्फ इस चोटी को फतह करने की जिद थी, जो पूरी की। पूजा ने बताया कि अब उनका निशाना माउंट एवरेस्ट को लांघना है। इसके लिए तैयारियां कर ली हैं, जबकि माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई 8848 मीटर है। इस पर करीब 18 लाख रुपये का खर्च आएगा। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार ने आधी राशि देने की घोषणा की है, जबकि अन्य खर्च के लिए भी कोशिश की जा रही है। नेपाल सरकार ने माउंट एवरेस्ट पर जाने की इजाजत दे दी है।
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