शहजादपुर। कथावाचक आचार्य पुरुषोत्तम महाराज ने कहा कि विपत्ति में प्रभु अपने भक्तों की रक्षा अवश्य करते हैं। लेकिन यह जरूरी है कि भक्त अपने प्रभु पर भरोसा अवश्य रखे। वे शहजादपुर स्थित राधा कृष्ण मंदिर में चल रही शिव महापुराण कथा में श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि उज्जयिनी नगरी में एक शिव भक्त ब्राह्मण परिवार रहता था। वह सदैव भस्म धारण करता, रूद्राक्ष पहनता, भगवान शिव के नाम का स्मरण करता तथा उन्हीं की निष्काम भक्ति में लीन रहता। उस ब्राह्मण के चार पुत्र देवप्रिय, प्रियमेध, सुकृत व धर्मवादी थे। उसी समय दूषण नाम के दैत्य ने भी उन दिनों वहां उत्पन्न हुआ जो बहुत पराक्रमी बलशाली था जो तीनों लोकों को दुख देने वाला उत्पन्न हुआ। भगवान शिव ने कहा कि वे चिंता न करें और अपने स्थान पर लौट जाएं। आचार्य ने कहा कि यह भक्तों का विश्वास है, जब भी विपत्ति में वे प्रभु को पुकारते हैं, वे उनके रक्षा के लिए अवश्य आते हैं।