नारायणगढ़। एडवोकेट धर्मवीर ढींढसा ने मांग की कि स्थानीय निकायों के चुने हुए प्रतिनिधियों पंचों सरपंचों और पार्षदों के मानदेय में वृद्धि कर दुगना किया जाए और 10 से 20 हजार रुपये कार्यालय व यात्रा भत्ते के रूप में दिए जाए ताकि चुने हुए प्रतिनिधि मन लगाकर निष्ठा और लगन के साथ अपना कम कर सकें। उन्होंने कहा की स्थानीय निकायों के चुने हुए प्रतिनिधियों को केवल नाम मात्र का मानदेय मिलता है जबकि आज के समय में बढ़ती औपचारिकताओं के कारण स्थानीय निकायों के जनप्रतिनिधियों का काम पूर्णकालिक बन गया है और उनको कार्यालय की भी व्यवस्था करनी पड़ती है जिसके कारण वो अपना निजी व्यवसाय नहीं कर सकते और कई बार आर्थिक संकट में पड़ जाते है।