अरनप्रीत के सिर सजा 2019 मिस्टर अंबाला का ताज
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। बॉडी बिल्डिंग एवं फिटनेस एसोसिएशन की ओर से छावनी की अनाज मंडी में हुई मिस्टर अंबाला बॉडी बिल्डिंग चैंपियनशिप-2019 में मिस्टर अंबाला का खिताब अरनप्रीत सिंह ने हासिल किया। यह खिताब अरनप्रीत सिंह ने अलग-अलग वेट में गोल्ड हासिल कर चुके बॉडी बिल्डिरों को पछाड़ते हुए हासिल किया।
मिस्टर 2019 का खिताब पाने के लिए अंबाला जिले के 25 जिम के 57 बॉडी बिल्डरों ने दम दिखाया। 50 से 55 किलोग्राम वेट में इंच एंड पाउंड जिम के अगम, 55 से 60 किलोग्राम वेट कैटेगरी में भाई जिम के अनवर, 60 से 65 भार वर्ग में रॉयल फिटनेस क्लब जिम के प्रवीण दलाल, 65 से 70 में ओलमपिया जिम के रोहित ककरान ने पहला स्थान हासिल किया। वहीं 70 से 75 किलो वेट कैटेगरी में क्राउन फिटनेस जिम के राहुल सेठी पहले और भाई जिम के राधे दूसरे स्थान पर रहे। 75 से 80 वेट कैटेगरी में फिटनेस जोन जिम के मोहित यादव ने पहला व बुल जिम के मंदीप गोतरा ने दूसरा स्थान हासिल किया। इसी तरह अंतिम 80 से 85 किलो भार वर्ग में अरनप्रीत सिंह पहले व हरकनवर दूसरे स्थान पर रहे। इसके बाद 2019 ओवर ऑल मिस्टर अंबाला चैंपियनशिप हुई। इस दौरान कड़े मुकाबले के बाद अरनप्रीत सिंह मिस्टर अंबाला चुने गए। जिसे मुख्यातिथि द्वारा एक 32 इंच की एलईडी, मेडल, ट्रॉफी व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले सभी बॉडी बिल्डरों को इनाम वितरित कर उनका हौसला बढ़ाया गया। इस मौके पर सीनियर वाइस प्रेजिडेंट मुकेश तौमर, वाइस प्रेजिडेंट आलोक घई, ज्वॉइंट सेक्रेटरी जितेंद्र यादव, असिस्टेंट सेक्रेटरी सचिन, एसोसिएट सेक्रेटरी विनित भाई, ईसी मेंबर उमनीक सिंह, दीपक समेत सभी सदस्य व सैकड़ों दर्शक मौजूद रहे।
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प्रतियोगिता के दौरान लगाए आरोप
प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे बॉडी बिल्डर शुभम ने आरोप लगाया कि उसे जानबूझकर प्रतियोगिता से बाहर किया गया है। उसने कहा कि वह अपने वर्ग में अव्वल चल रहा था, लेकिन फेडरेशन के सदस्य उससे व उसके कोच से रंजिश रखते है। इसी वजह से उसे प्रतियोगिता से ही बाहर कर दिया गया। इस मामले की जानकारी वह फेडरेशन के बड़े पदाधिकारियों को देंगे और कार्रवाई की मांग करेंगे। वहीं दूसरी ओर एबीबीएफए के महासचिव मनिंद्र सिंह ने सभी आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि सभी निर्णय वहां मौजूद जज ने गहराई से लिए हैं। इसमें किसी तरह का आरोप लगाना गलत है। प्रतियोगिता के दौरान वह अपनी कैटेगरी में सेकेंड था, लेकिन वह मानने को तैयार ही नहीं था। उसने पुरस्कार नहीं लिया और चला गया।