बराड़ा। सुरक्षित व सुगम सफर के लिए नेशनल हाईवे 344 को फोरलेन बनाया गया। हाईवे फोरलेन बनने पर धीन गांव का मेन रास्ता बंद हो गया। यह रास्ता धीन गांव से होता हुआ सारन, कूलपुर से शाहबाद को जोड़ता है। वाहन चालकों व ग्रामीणों को इस रास्ते पर आने के लिए गलत दिशा से करीब दो किलोमीटर का लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। ग्रामीणों ने कई बार इस बारे में एनएचएआई व निर्माण कंपनी को अवगत कराया।, लेकिन केवल आश्वासनों के अलावा कोई फायदा नहीं हुआ। इस पर धीन गांव के ग्रामीणों ने खुद के खर्चे पर नेशनल हाईवे 344 पर बनी पुलिया के नीचे कच्चा रास्ता बना लिया।
ग्रामीण परमजीत सिंह, जोगा सिंह, शेर सिंह, विक्की प्रजापति, मोनू प्रजापति, अनिल सैनी, देवी लाल, मनीष सैनी, कुलदीप, संदीप सैनी व अरुण कुमार ने बताया कि कुछ समय पहले बना नेशनल हाईवे 344 बनाते समय हाईवे पर स्थित धीन गांव का मुख्य रास्ता बंद हो गया था। धीन का मुख्य रास्ता गांव सारन व कूलपुर से होता हुआ शाहबाद रोड से जोड़ता है। कई ग्रामीणों के खेत भी हाइवे के दूसरी ओर हैं। गांव का पशु अस्पताल व शमशानघाट भी हाइवे की दूसरी ओर स्थित है। ग्रामीण निर्माण कंपनी के अधिकारियों से मिले तो कंपनी ने एक तरफ गांव में जाने के लिए सड़क तो बनवा दी लेकिन दूसरी ओर से आने के लिए कोई रास्ता नहीं बनवाया। हालांकि, धीन गांव में बनी पुलिया के नीचे से अंडरपास बनना था। इसके लिए ग्रामीण कंपनी के अधिकारियों से कई बार मिले। परंतु कोई फायदा नहीं हुआ। ग्रामीणों को केवल आश्वासन मिलता रहा कि रास्ता बनाया जाएगा। जिसके बाद ग्रामीणों ने खुद रास्ता बनाने का जिम्मा संभाला।
धीन के ग्रामीण मुझसे रास्ते के लिए मिले थे। मैंने एनएचएआई से अप्रूवल लेने के लिए कहा था, लेकिन नहीं मिल। पुलिया के नीचे दलदल होने के कारण कम्पनी ने कुछ सामग्री उपलब्ध कराकर ग्रामीणों को रास्ता बनाने में मदद की है।
-महेंद्र कुमार प्रजापति, प्रोजेक्ट मैनेजर, सद्धभावना कंपनी