प्राइवेट बस चालकों से परेशान छात्राओं ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
पास धारक कॉलेज छात्राओं को बसों से उतारने और बदतमीजी करने का लगाया आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। ग्रामीण रूटों पर रोडवेज बसों का रात्रि ठहराव बंद होने का प्रभाव अभी भी गांव वासियों पर पड़ रहा है। कुछ रूट ऐसे हैं जहां पर रोडवेज द्वारा अब भी बस संचालन न होने के कारण ग्रामवासियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। इसका फायदा प्राइवेट बस चालक उठा रहे हैं। सुबह बस सेवा कम होने, ग्रामीण रूटों से आने वाले लोगों की संख्या अधिक होने के कारण बसों में बहुत अधिक भीड़ हो जाती है। इस कारण अधिकतर छात्राएं बसों में चढ़ ही नहीं पाती। वहीं वह किसी तरह करके मुख्यमार्ग तक पहुंच जाती हैं, लेकिन सुबह रोडवेज की बस सेवा कम होने के कारण उन्हें मजबूरी में प्राइवेट बस का सहारा लेना पड़ता है। वहीं प्राइवेट बस चालक व परिचालक पास देखते ही टिकट की मांग करते हैं, लेकिन उनके द्वारा टिकट न लेने पर उन्हें वहीं रास्ते पर उतार देते हैं। जब छात्राएं उनका विरोध करती हैं तो वह बदतमीजी पर उतारू हो जाते हैं। इसको लेकर छात्राओं व गांव वासियों ने मुख्यमंत्री को शिकायत पत्र लिखते हुए प्राइवेट बस चालकों व परिचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।
बसों में छात्राओं और बुजुर्गों के साथ करते है बदसलूकी
ग्राम वासी व छात्राएं पूनम सैनी, सोनिया, गीता सैनी पूजा रानी, दीपिका सुमन व अन्य ने शिकायत में कहा कि पिहोवा से अंबाला की ओर आने वाले प्राइवेट बस चालक स्कूल व कॉलेज जाने वाली छात्राओं और बुजुर्गों से टिकट को लेकर बदसलूकी करते हैं। उनके पास रियायती पास होने के बाद टिकट मांगते हैं, लेकिन अगर वह टिकट नहीं लेते तो उन्हें रास्ते में ही बस से उतार दिया जाता है। इसके साथ ही कहा कि प्राइवेट बस चालक यात्रियों से मनमाना किराया वसूलते हैं, क्योंकि ईस्माइलाबाद टोल तक जहां 7 रुपये किराया है, लेकिन उनसे 10 रुपये लिए जाते हैं। वहीं चालक और परिचालक बिना वर्दी के होते हैं। बसों में असामाजिक और शरारती तत्व गाली गलोच और साथ ही झगड़ा भी करते हैं। इससे यात्रियों को परेशानी होती है।