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पटाखा बिक्री के लिए 236 आवेदन, केवल 24 को लाइसेंस, आवेदनकर्ताओं में रोष

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पटाखा बिक्री के लिए 236 आवेदन, केवल 24 को लाइसेंस, आवेदनकर्ताओं में रोष
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फोटो - 27 से 33
जिनका नहीं निकला ड्रॉ उनके द्वारा आवेदन के लिए दिए गए 500-500 रुपये जाएंगे सरकारी खाते में
गली-मोहल्लों में पटाखों की अवैध बिक्री रोकने के लिए गठित होंगी टीमें
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। दिवाली पर पटाखा बिक्री के लिए प्रशासन ने जिलेभर में 236 में से केवल 24 अस्थायी लाइसेंस जारी किए हैं। इससे आवेदनकर्ताओं में रोष है। सवाल यह उठता है कि क्या 24 लाइसेंस पटाखा बिक्री के लिए पर्याप्त हैं, यदि हैं तो क्या इसके अलावा कोई अन्य दुकानदार पटाखा बिक्री नहीं कर पाएगा। बता दें कि कुछ होलसेल विक्रेताओं के पास स्थायी लाइसेंस भी हैं। वहीं, गली, मोहल्लों में पटाखों की अवैध बिक्री को रोकन के लिए प्रशास ने चारों सब डिवीजनों में एक-एक टीम गठित करने का निर्णय लिया है। यह टीमें पुलिस की मदद से गली, मोहल्लों व बाजारों में पटाखा बिक्री पर नजर रखेंगी।
सोमवार को डीसी शरणदीप कौर बराड़ के नेतृत्व में ड्रॉ निकाला गया। जिले से कुल 236 लोगों ने आवेदन किया था, लेकिन सरकार के अनुसार वर्ष 2016 की गाइडलाइन के अनुसार सिर्फ 20 प्रतिशत के ड्रॉ निकाले गए हैं जिससे आवेदनकर्ताओं में रोष देखा गया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 में 121 आवेदन आए थे जिसके 20 प्रतिशत के हिसाब से केवल 24 आवेदनकर्ताओं के ड्रॉ निकले थे। उनका कहना था कि इस बार आए 236 आवेदनों के 20 प्रतिशत के हिसाब से करीब 47 लाइसेंस बनते हैं, मगर यहां केवल 24 को लाइसेंस दिया जा रहा है जोकि ठीक नहीं है। जिन आवेदनकर्ताओं का ड्रॉ नहीं निकला वह डीसी को दोबारा से ड्रॉ निकालने की गुहार भी लगा रहे थे।
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आवेदन के रुपये सरकार को करने चाहिए वापस
बराड़ा से आए आवेदनकर्ता जितेश जोशी का कहना है कि इस बार उन्होंने भी पटाखे बेचने के लिए लाइसेंस लेने के लिए आवेदन किया था। सरकार की ओर से आवेदन के लिए 500 रुपये फीस रखी गई थी, लेकिन सोमवार को उनका ड्रॉ नहीं निकला। सरकार को चाहिए कि जिनका ड्रॉ नहीं निकला उनके आवेदन के रुपये वापस किए जाएं।
पिछली बार 3 हजार रुपये दिए थे
बराड़ा निवासी परमजीत सिंह ने बताया कि पिछली बार की तरह उन्होंने इस बार भी आवेदन किया था, लेकिन सोमवार को उनका ड्रॉ नहीं निकला। पिछली बार उन्होंने लाइसेंस के लिए 3 हजार रुपये दिए थे और इस बार 500 रुपये, लेकिन अब ड्रॉ न निकलने से यह रुपये फिजूल गए। परमजीत ने बताया कि वह समझ कर आए थे कि 236 के 20 प्रतिशत के हिसाब से 47 आवेदनकर्ताओं का ड्रॉ निकलेगा, लेकिन उनके हाथ मायूसी लगी।
ड्रा की संख्या बढ़ाए सरकार
अंबाला छावनी निवासी मोहन ने कहा कि उन्होंने भी इस बार लाइसेंस के लिए आवेदन किया था, लेकिन उनका भी ड्रॉ नहीं निकलने से वह मायूस तो हुए, लेकिन सरकार को चाहिए कि ड्रॉ की संख्या बढ़ाई जाए।
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बिना लाइसेंस दुकान मिली तो होगी कार्रवाई
सीटीएम सुशील कुमार ने बताया कि इस बार कुल 236 आवेदनकर्ताओं ने आवेदन किया था, जिनमें से 24 का ही ड्रॉ निकला। यह प्रक्रिया वर्ष 2016 की गाइडलाइन के अनुसार हुई। इसके बाद भी जिसका ड्रॉ में नाम नहीं आया व बगैर लाइसेंस के दुकान लगाएगा तो उसके खिलाफ पुलिस कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिले की चारों सब डिवीजनों में एक-एक टीम गठित की जाएगी, जिसके इंचार्ज एसडीएम व ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार होंगे। उन्होंने कहा कि इसमें पुलिस का भी सहयोग रहेगा। सीटीएम ने बताया कि टीमें गठित कर गली मोहल्लों व बाजारों में पटाखा बिक्री पर नजर रखी जाएगी।
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