रक्षा मंत्रालय की गाइड लाइन को सेना ने किया नजरअंदाज, लगाया बैरियर
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। रक्षा मंत्रालय की गाइड लाइन को यहां सेना के अधिकारी नजरअंदाज कर रहे हैं। वीरवार शाम को सेना द्वारा स्टाफ रोड पर बैरियर लगा दिए गए, जिससे बड़े वाहन चालकों को यहां से निकलने नहीं दिया गया। हैरानी है कि बैरियर लगाने से पहले कैंटोनमेंट बोर्ड से सेना द्वारा किसी प्रकार की कोई अनुमति नहीं ली गई है। सेना के इस रुख से बोर्ड सदस्य और क्षेत्रवासी खफा हैं। उनका कहना है कि मामले की जानकारी रक्षा मंत्रालय दी जाएगी।
वीरवार शाम को स्टाफ रोड पर वक्फ बोर्ड कार्यालय के समक्ष सेना द्वारा पहले बैरियर लगाया गया था और बैरियर का ऊपरी हिस्सा हैवी व्हीकल्स को रोकने के लिए बंद कर दिया जाता था। मगर, रक्षा मंत्री ने देशभर के सांसदों की आपत्तियां सुनने के बाद ऐसे बैरियर खोलने के निर्देश दिए थे जिसके बाद करीब दो माह पहले स्टाफ रोड पर इस बैरियर को भी खोल दिया गया था। वीरवार शाम को सेना द्वारा हैवी व्हीकल्स रोकने के लिए बैरियर का ऊपरी हिस्सा बंद कर दिया गया है जबकि इस कार्य के लिए नियम अनुसार कैंटोनमेंट बोर्ड की अनुमति ली जानी चाहिए थी। बोर्ड ने अब इस मसले पर कड़ी आपत्ति जताई है। बोर्ड उपाध्यक्ष अजय बवेजा, पार्षद आशीमा, लक्ष्मी देवी, पूर्व पार्षद राज कुमार राजा, ललित कुमार आदि ने कहा कि सेना द्वारा मामले को लेकर दादागिरी की जा रही है जबकि बिना अनुमति के कहीं पर भी बैरियर नहीं लगाया जा सकता।
यह है रोड बंद करने का नियम
करीब दो माह पहले ही रक्षा मंत्री ने इस मसले पर कड़ा संज्ञान लिया था और देशभर में सेना द्वारा बंद की गई सड़कों को खोलने के निर्देश दिए गए थे। यह साफ तौर पर कहा गया था कि यदि सेना को कोई सड़क बंद करनी है तो नियम अनुसार पूरी प्रक्रिया होने पर रोड बंद की जाएगी।
यह है सैन्य क्षेत्र में रोड बंद करने का नियम
- सेना द्वारा यदि सैन्य क्षेत्र में कोई भी रोड बंद करनी है तो इसके लिए कैंटोनमेंट बोर्ड में आवेदन किया जाएगा।
- बोर्ड रोड बंद करने की नोटिफिकेशन निकालेगी।
- इसके उपरांत आपत्तियां दर्ज की जाएंगी।
- मामला बोर्ड के सदन में आएगा जिसके बाद इस मसले के पारित होने पर रोड बंद होगी।
नियमों की अवहेलना कर रही सेना : बवेजा
बोर्ड उपाध्यक्ष अजय बवेजा ने कहा कि सेना नियमों की अवहेलना कर रही है। रोड पर बैरियर लगाने का पुरजोर विरोध किया जाएगा। इस मामले की जानकारी रक्षा मंत्रालय को भी दी जाएगी।