63 दुकानों पर चलेगा हाइवे अॅथारिटी का हथौड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
महेशनगर क्षेत्र में 16 नवंबर को हाइवे अथॉरिटी का हथौड़ा दुकानदारों द्वारा किए गए अतिक्रमण पर चलेगा। कार्रवाई के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई है। सुबह होते ही अथॉरिटी टीम दलबल के साथ कार्रवाई करेगी। इसके लिए जिला पुलिस, एसडीएम, ड्यूटी मजिस्ट्रेट, नगर निगम व अन्य स्टाफ को भी शामिल किया जाएगा। एसडीएम ने इस मसले को लेकर दुकानदारों के साथ बैठक कर उन्हें समय रहते अतिक्रमण हटाने के लिए भी कहा है। उधर, कार्रवाई से घबराए कई दुकानदार अभी से ही स्वयं अतिक्रमण हटाने में जुट गए हैं।
महेशनगर में नेशनल हाइवे 444-ए जगाधरी रोड पर स्थित दुकानदारों को कुछ दिन पहले ही नेशनल हाईवे अथॉरिटी की टीम ने चेतावनी देते हुए मुनादी कराई थी। क्षेत्र में 63 दुकानों के आगे से अतिक्रमण हटाया जाना है जिस वजह से यह कार्रवाई की जा रही है। रोड के दोनों ओर स्थित कई दुकानें है जहां कई फुट आगे तक अतिक्रमण किया गया है। कुछ दिन पहले इस मामले में हाईकोर्ट ने अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए थे जिसके बाद अब यह कार्रवाई की जा रही है। हालांकि अदालत में अभी कुछ अन्य प्रापर्टी के मामले विचाराधीन है जिनपर निर्णय बाद में होगा। मगर 63 दुकानदारों के खिलाफ हाइवे अथॉरिटी द्वारा अभी कार्रवाई की जानी है। इसके लिए कुछ दिनों पहले ही दुकानदारों को नोटिस तक बांटे हैं। मामले की 29 नवंबर को हाईकोर्ट में सुनवाई है जिससे पहले यहां से अतिक्रमण हटाया जाना है। कार्रवाई के दौरान कुछ दुकानदारों का विरोध भी हो सकता है जिस वजह से व्यापक मात्रा में पुलिस बल भी कार्रवाई के दौरान मौजूद रहे।
रोड को किया जाना है चौड़ा
बता दें कि नेशनल हाईवे को सिक्सलेन बनाने के साथ-साथ यहां पर फ्लाईओवर भी बनाया जाना है। सिक्सलेन निर्माण के लिए रोड को चौड़ा किया जाना है और दुकानों के आगे अतिक्रमण समस्या बना हुआ है। 63 कब्जों को फिलहाल गिराया जाएगा जिसके बाद और भी कई दुकानदारों द्वारा अतिक्रमण किया गया है। इनके मामले अभी भी अदालत में है जिनपर अभी निर्णय नहीं हुआ है। जिन मामलों पर निर्णय हो चुका है उनके खिलाफ 16 नवंबर को कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
कई वर्षों से चल रहा अदालत में मामला
बता दें कि पहले जगाधरी रोड पीडब्ल्यूडी के अधीन थी। यहां पर सिक्सलेन बनाने की योजना थी। मगर अतिक्रमण का मामला हाईकोर्ट में चला गया। हाईकोर्ट के आदेशों पर पैमाइश भी तब कराई गई थी। मगर पैमाइश में कई गड़बड़ी सामने आई थी। कब्जों का सही आंकलन नहीं हो पा रहा था। एक बार तो स्वयं तत्कालीन डीसी शेखर विद्यार्थी तक सड़कों पर पैमाइश के लिए उतरते थे, मगर तब भी कोई बात नहीं बन सकी थी। रोड की सही स्थिति सामने नहीं आ रही थी जिस वजह से प्रशासन की काफी किरकिरी भी हुई थी। मगर इसके उपरांत प्रशासन ने सेटेलाइट सर्वे करवाया था जिसके उपरांत अतिक्रमण की सही स्थिति का पता चल सका था। यह रिपोर्ट प्रशासन ने अदालत में भी प्रस्तुत की थी।
दुकानदार बोले विभाग बार-बार कर रहे परेशान
स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि विभाग द्वारा उन्हें अतिक्रमण के नाम पर बार-बार परेशान किया जा रहा है। पहले पीडब्ल्यूडी और अब नेशनल हाईवे अथॉरिटी पैमाइश कर अतिक्रमण को चिन्हित कर रहा है। पहले किसी और सीमा तक अतिक्रमण दिखाया गया था और अब अथॉरिटी द्वारा और ज्यादा अतिक्रमण बताया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गत दिनों मार्किंग भी की गई है। केवल छोटे दुकानदारों पर कार्रवाई हो रही है जबकि पहुंच रहने वाले दुकानदारों एवं भवन मालिकों को कुछ नहीं कहा जा रहा है।
यह है सरकार की योजना
जगाधरी रोड को सिक्सलेन करने के साथ-साथ फायर ब्रिगेड से टांगरी पुल तक फ्लाईओवर बनाने की योजना है। इस समय जगाधरी रोड फोरलेन है। रोड पर प्रतिदिन 66 हजार से अधिक वाहन प्रतिदिन गुजरते हैं जिस वजह से वह रोड पर वाहनों का दबाव रहता है। इस कारण यहां पर जाम की भी स्थिति रहती है।
16 नवंबर को हाईकोर्ट के आदेशों पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसको लेकर दुकानदारों को बताया गया है। दुकानदारों को स्वयं अतिक्रमण हटाने के लिए व्यापक समय अब तक दिया गया है। -सुभाष सिहाग, एसडीएम, अंबाला कैंट।