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- प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत फार्म जमा होने के बाद अब आवेदनों की पड़ताल शुरू

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अंबाला कैंट। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 15 हजार से अधिक लोगों ने निगम में आवेदन किए। लोगों ने सोचा शायद आवेदन करने के बाद सीधे तौर पर योजना का लाभ उन्हें मिलेगा। मगर अब आवेदनों की जांच-पड़ताल आरंभ कर दी गई है। शुरूआत चरण में गड़बड़ी जांच एजेंसी को मिली है। कई आवेदक तो अब तक ऐसे पकड़े गए हैं जोकि किराए के मकानों में रह रहे थे जबकि कई ऐसे आवेदक है जोकि एक परिवार के होने के बावजूद अलग-अलग नामों से उन्होंने आवेदन कर दिए। अब ऐसे फर्जी आवेदनों की पड़ताल एजेंसी द्वारा गली-गली घूमकर की जा रही है। एजेंसी को उम्मीद है कि कई फर्जी और आवेदन सामने आएंगे। फर्जी आवेदन करने वालों का नाम योजना से बाहर भी किया जाएगा। योजना का लाभ लेने के लिए निगम में 25 जुलाई तक जिले में 15454 फार्म जमा हुए हैं। एजेंसी के करिंदे वार्डो में जाकर आवेदकों से संपर्क कर फार्म से संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रहे है और घरों का सर्वे कर डाटा ऑनलाइन चढ़ा रहे है।
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पंद्रह हजार फार्म में होगी फर्जी आवेदनों की छंटनी
योजना के लिए गलत फार्म जमा करवाने के लिए एजेंसी करिंदे वार्डों में पहुंच रहे है। शनिवार बाकायदा एजेंसी संचालक वार्ड नंबर चौदह में पहुंचे। जहां एजेंसी की करिंदे आवेदकों को बुलाकर सर्वे कर रहे है। उससे पहले ये एजेंसी संचालक फर्जी आवेदनों की छंटनी भी कर रहे है। इन फार्म को अलग करना भी एजेंसी संचालकों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। फर्जी आवेदनों में कई आवेदन किरायदारों ने किए है जिनको योजना का लाभ नहीं मिल सकता जबकि कई आवेदन ऐेस है जोकि एक राशन कार्ड पर अलग-अलग परिवार सदस्यों द्वारा किए गए। एजेंसी करिंदो के सामने परेशानी ये खड़ी हो गई है कि अंबाला कैंट, सिटी, बराड़ा व नारायणगढ़ में करीबन 15 हजार से अधिक आवेदन है और उनमें से छंटनी करना मुश्किल भरा कार्य है।

मौके पर ही चढ़ा रहे ऑनलाइन डाटा
वार्डों में पहुंचने के बाद जहां एजेंसी संचालक आवेदकों से फोन नंबरों के माध्यम से संपर्क कर दस्तावेज पूरे करने में जुटे हुए है, वहीं दस्तावेज पूरे होने के बाद मौके का मुआयना कर आवेदकों का डाटा भी ऑनलाइन चढ़ा रहे है। एजेंसी के अनुसार आवेदनकर्ता के मकान की फोटो करके यह चेक किया जाएगा कि मकान किराये का है या फिर अपना बना हुआ है। योजना के मुताबिक कितने आवेदनकर्ता आवास योजना के पात्र है उसकी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी नगर निगम और एजेंसी की होगी। एजेंसी को 15 दिन के अंदर के यह डाटा वेरीफाई करके प्रदेश सरकार के पास भेजना है। इसके बाद ही अगली कार्रवाई आरंभ होगी।
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नए राशन कार्ड वाली जनता को नहीं मिलेगा लाभ
योजना का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं का 17 नवंबर 2015 से पहले का राशन कार्ड होना जरूरी है। सरकार के निर्देश है कि निर्धारित तिथि से पूर्व हरियाणा राज्य का एवं वर्तमान में संबंधित शहर का निवासी हो या फिर सरकारी विभाग/उपक्रम का कर्मचारी हो या संबंधित शहरी क्षेत्र की औद्योगिक/वाणिज्यिक इकाई का कर्मचारी हो, जोकि लेबर वेलफेयर बोर्ड हरियाणा के पंजीकृत हो। इसके अलावा अगर व्यक्ति ने किसी सरकारी आवासीय योजना का लाभ व आधार कार्ड नहीं बना होगा तो उसका फार्म रद्द कर दिया जाएगा।

यह है योजना
हरियाणा सरकार का सपना सबका घर हो अपना के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना शुरू की गई है। योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार द्वारा फार्म निकाले गए थे, फार्म के तहत जिस व्यक्ति के मकान की छत कच्ची है या फिर टूटी चुकी है, वो आवेदन कर सकते है व जो किरायेदार व जिस व्यक्ति के करीबन सौ गज का प्लांट है और वह मकान बनाने में पूरी तरह से असमर्थ है, वह व्यक्ति योजना का लाभ उठा सकते है। योजना के तहत नगर निगम कार्यालय द्वारा पहले एजेंसी के करिंदो से वार्डों में फार्म जमा करवाएं गए थे और बाद में निगम कार्यालय में ये फार्म जमा हुए थे।
सर्वे शुरू कर दिया गया है
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सर्वे शुरू कर दिया है और एजेंसी द्वारा फार्म की पूरी जांच करवाई जा रही है। बाकायदा एजेंसी संचालक डाटा ऑनलाइन कर रहे है, फर्जी आवेदन के मिलते ही उन्हें रद्द कर दिया जा रहा है, ताकि जरूरतमंद को योजना का लाभ मिल सके।
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- सतेंद्र दुहन, कमिश्नर, नगर निगम अंबाला
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