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वीरवार हाईकोर्ट की डबल बेंच में हुई मामले की सुनवाई, कोर्ट ने पूछा यदि अतिक्रमण है तो अब तक हटाया क्यों नहीं

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अंबाला कैंट। जगाधरी रोड पर अवैध निर्माण के मामले में आगामी दिनों में हथौड़ा चल सका है। वीरवार को हाईकोर्ट की डबल बेंच में अतिक्रमण के मामले में सुनवाई हुई। इस मामले में कोर्ट ने सरकार से पूछा कि यदि रोड पर अतिक्रमण है तो इसे अब तक हटाया क्यों नहीं गया। सरकार की तरफ से कोर्ट को पुराने आदेशों की जानकारी दी गई जिसमें अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए गए थे। मामले की अगली सुनवाई 27 नवंबर को होगी और सुनवाई से पहले सरकार को रोड पर अवैध निर्माणों पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है। वीरवार को कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान स्थानीय दुकानदारों में हड़कंप की स्थिति रही। बता दें कि करीब 60 से भी ज्यादा अवैध निर्माण कर रोड पर अतिक्रमण किया गया है। पहले भी जिला प्रशासन कई बार अतिक्रमण हटाने का प्रयास कर चुका है, मगर हर बार असफलता ही हाथ लगी है। अब हाईकोर्ट के आदेशों पर निश्चित तौर पर आगामी समय में कार्रवाई तय है।
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60 से ज्यादा अवैध निर्माण चिह्नित किए थे
अंबाला-जगाधरी रोड पर महेशनगर क्षेत्र में करीब 63 अवैध निर्माण पीडब्ल्यूडी ने चिह्नित किए थे। दरअसल रोड को चौड़ा करने की योजना वर्षों से चल रही है और इन्हीं अवैध निर्माणों की वजह से रोड को चौड़ा नहीं किया जा रहा है। इस समय जगाधरी रोड फोर लेन है जबकि इसे सिक्स लेन करने की योजना है। अवैध निर्माण का मामला सामने आने के बाद पीडब्ल्यूडी ने निर्माण करने वालों को नोटिस जारी किए थे, मगर अधिकतर ने अदालत की शरण ले ली थी, पहले मामला जिला अदालत में था, मगर बाद में मामला हाईकोर्ट में दायर हुआ। इससे पहले भी फैसला राज्य सरकार के हक में आ चुका है, मगर याचिकर्ताओं ने सरकार द्वारा गलत पैमाइश की बात कोर्ट के समक्ष रखी थी। वर्ष 2014 में भी हाईकोर्ट ने सरकार को दोबारा ने पैमाइश करने के आदेश दिए थे। इसके बाद पीडब्ल्यूडी, राजस्व विभाग व अन्य विभागों ने संयुक्त तौर पर रोड पर पैमाइश की जिसकी रिपोर्ट हाईकोर्ट में दी गई थी। अब इसी रिपोर्ट के आधार पर जिन स्थानों पर अतिक्रमण साबित हो चुका है उन्हें हटाने के निर्देश हाईकोर्ट ने दिए हैं।
पैमाइश पर उठा चुके सवाल
मामले में याचिकाकर्ता सरकार द्वारा की गई पैमाइश पर कई बार सवाल उठा चुके हैं। एक बार तो तात्कालीन डीसी भी सड़कों पर उतरकर पैमाइश कर चुके हैं जबकि सेटेलाइट सर्वे तक कराया जा चुका है, मगर रोड को लेकर अब तक असंमजस की स्थिति बरकरार है जिस वजह से जगाधरी रोड किनारे से अब तक अतिक्रमण नहीं हट सका है। अब रोड को चौड़ा करने की परियोजना क्रियांवित की जा रही है और सरकार चाहती है कि इससे पहले कोर्ट के आदेशों पर रोड किनारे हुए अतिक्रमण को हटाया जा सके।
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