फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रेल मंत्री पांच घंटे में सबवे बनाने का कर रहे दावा, यहां पांच माह से लटका काम

विज्ञापन
विज्ञापन
अंबाला सिटी। रेल मंत्री पीयूष गोयल दावा कर रहे हैं कि भारतीय रेलवे महज पांच घंटे में ही व्यस्त रेलमार्ग पर सबवे का निर्माण कर रही है। सोशल मीडिया में उन्होंने इस पोस्ट से जुड़ा वीडियो भी शेयर किया जिसमें अभी पांच जुलाई को ही आंध्र प्रदेश में पनदुरूथी कोटावाल्सा रेल लाइन पर रेल इंजीनियरों द्वारा महज पांच घंटे में व्यस्त रेलमार्ग पर पांच घंटे में अंडर पास का निर्माण कर दिया गया। मगर यहां अंबाला सिटी में स्थिति इससे पूरी तरह उलट है। सिटी स्टेशन के साथ सबवे का निर्माण आरंभ किए पांच माह से अधिक समय बीत गया है, मगर रेलवे इंजीनियरिंग यहां फेल साबित हो रही है। पांच महीने में रेलवे सबवे या अंडर पास तो क्या एक इंच खुदाई तक नहीं कर सकी है। पीडब्ल्यूडी ने आनन-फानन में अपनी इलाके में रोड की खुदाई कर दी जिसके बाद रेल पटरियों पर रेलवे ने काम करना था, मगर यह अब तक आरंभ नहीं हो सका है।
विज्ञापन


पांच जनवरी को विधायक ने रखी थी आधारशिला
सिटी विधायक असीम गोयल ने पांच जनवरी को सिटी स्टेशन के साथ सबवे निर्माण की आधारशिला रख दी थी। सबवे तक एप्रोच बनाने का कार्य पीडब्ल्यूडी के पास था जबकि रेल पटरियों के नीचे सबवे बनाने का जिम्मा रेलवे का था। पीडब्ल्यूडी ने फाटक के एक ओर खुदाई आरंभ कर दी थी जिससे दुकानदारों को भारी परेशानी अब हो रही है जबकि रेलवे ने अंडर पास कार्य शुरू ही नहीं किया। लोगों ने हंगामा किया तो बाद में पता चला कि रेलवे ने अंडर पास के टेंडर ही नहीं किए।

7.40 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा सबवे
पहले रेलवे द्वारा टेंडर नहीं करने पर हंगामा हुआ तो अब रेलवे ने आनन-फानन में सबवे निर्माण के टेंडर जारी कर दिए हैं। 7.40 करोड़ रुपये की लागत से सिटी स्टेशन के साथ फाटक पर सबवे का निर्माण होगा। पुशिंग पद्धति से निर्माण कार्य होगा और निर्माण कार्य पूरा करने की अवधि नौ माह की होगी। 27 जुलाई को टेंडर ओपन होगा। साफ है कि अगले वर्ष तक रेलवे इस सबवे का निर्माण कार्य पूरा कर सकेगी जबकि रेल मंत्री पांच घंटे में सबवे निर्माण के वीडियो पब्लिक में शेयर कर रहे हैं।
विज्ञापन


दुकानदारों ने जताया रोष, बोले मंत्री यहां पांच घंटे में पूरा करवाएं काम
रेलवे फाटक ठीक साथ स्थित मार्केट के दुकानदार तरसेम, जसपाल, रमेश, पाली, हरीश, सोनू, राजा मक्कड़, मंजीत, अशोक कुमार, गोपाल बस्सी आदि ने सबवे निर्माण में हो रही देरी को लेकर रोष जताया। उन्होंने कहा कि जनवरी माह से यह स्थानीय नारकीय बना हुआ है। धूल मिट्टी से तो वह परेशान थे अब बरसातों में जलभराव यहां हो गया है। फाटक के साथ रोड खुदी है जिससे दुकानदारी तक प्रभावित है। दुकानदारों ने कहा कि रेल मंत्री यदि पांच घंटे में सबवे निर्माण का दावा कर रहे हैं तो इस तकनीक से कार्य करने की सबसे ज्यादा जरूरत अंबाला सिटी में है। स्थानीय रेल अधिकारियों को इसी तकनीक से कार्य करते हुए जनता को राहत देने की जरूरत है।

इसलिए जरूरी है सबवे
फाटक पर सबवे का निर्माण जरूरी है। जिला मुख्यालय में विभिन्न कार्यालयों एवं कोर्ट तक आनेजाने के लिए सबवे का रास्ता बेहद नजदीक पड़ता है। यहां पर वाहन चालकों को अंबाला-लुधियाना रेलमार्ग पर बने ओवर ब्रिज से निकलना पड़ता है, मगर यह सबवे बना तो दूरी और कम हो जाएगी। 24 घंटे के दौरान यहां से करीब डेढ़ सौ मेल, एक्सप्रेस एवं पैसेंजर ट्रेनें होकर गुजरती हैं। व्यस्त रेलमार्ग के कारण फाटक बंद रहता है जिस कारण यहां सबवे निर्माण की जरूरत पड़ी।


- सबवे निर्माण के लिए रेल मंत्री से भी मुलाकात की गई है। यदि रेलवे के पास जल्द सबवे बनाने की तकनीक है तो इस पर रेल अधिकारियों से चर्चा की जाएगी ताकि सिटी स्टेशन के पास भी सबवे जल्द से जल्द बनाया जा सके। फिलहाल बरसातों की वजह से काम रुका है और जल्द यहां निर्माण कार्य आरंभ होगा।
असीम गोयल, विधायक, अंबाला सिटी।

- सबवे निर्माण में रेल मंडल के पास ऐसी तकनीक है और रेल मंडल भी कुछ घंटों में अपने कार्य को पूरा कर लेता है। मगर सिटी सबवे निर्माण के मामले में राज्य सरकार के हिस्से का कुछ कार्य है जिस वजह से इस प्रोजेक्ट में देरी हुई है। इस कार्य को जल्द पूरा किया जाएगा।
विज्ञापन

दिनेश शर्मा, डीआरएम, अंबाला।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें