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कला क्षेत्र में आगे बढने का कोई शार्ट कट नहीं : सोनल मान सिंह

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कला क्षेत्र में आगे बढ़ने का कोई शॉर्ट कट नहीं : सोनल
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अंबाला सिटी। पद्मश्री एवं विश्वविख्यात नृत्यांगना डॉ. सोनल मान सिंह ने कहा कि कला के क्षेत्र में आगे बढ़ने का कोई शॉर्टकट नहीं है। यदि इस क्षेत्र में टिके रहना है तो कला की साधना करते रहना होगा। यदि कोई शार्ट कट अपनाता भी है तो वह अपनी मौजूदगी ज्यादा लंबे समय तक नहीं रख पाएगा।
वे हरियाणा कला परिषद की ओर से कला चिंतन विषय पर पंचायत भवन अंबाला शहर में आयोजित कार्यक्रम में बोल रही थीं। इस मौके पर हरियाणा आर्टिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन ने डॉ. सोनल मानसिंह को सम्मानित भी किया। उन्होंने कहा कि कला केवल मनोरंजन का साधन मात्र नहीं है, बल्कि एक साधना है। इसके लिए सहज भाव से मेहनत व समर्पण के साथ कार्य करने की आवश्यकता है। बदलाव प्रकृति का नियम है और कला में भी समय, देश और परिस्थितियों के अनुसार परिवर्तन आना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि इस बात की विशेष सावधानी रखने की आवश्यकता है कि परिवर्तन के दौरान कला का मूल तत्व प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि वर्तमान युग में फिल्म और टीवी के साथ-साथ सोशल मीडिया के माध्यम से भी प्रचार-प्रसार का एक बड़ा मंच उपलब्ध हुआ है। कला को विकसित करने और समाज के अंतिम छोर पर बैठे प्रतिभावान कलाकारों को मंच प्रदान करने के लिए सोशल मीडिया अहम भूमिका अदा कर सकता है। कला को किसी देश या क्षेत्र की सीमाओं में सीमित नहीं किया जा सकता बल्कि विश्व स्तर पर किसी कलाओं में बेहतर समन्वय स्थापित करके लोक कलाओं के विकास के लिए संभावनाएं तलाशने की जरूरत है।
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सोनल मान सिंह ने कला के क्षेत्र की चुनौतियों और भविष्य में इसके विकास के लिए प्रदेश सरकार और हरियाणा कला परिषद द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और कहा कि इस तरह के प्रयास निरंतर जारी रहने चाहिए। हरियाणा कला परिषद के निदेशक अजय सिंहल ने बताया कि हरियाणा में सरकारी स्तर पर पहली बार कला के विकास पर चिंतन के लिए इस तरह का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि स्वर्ण जयंती वर्ष में गुरुग्राम में चित्रकला से जुड़े कलाकारों, कुरुक्षेत्र में नाट्य कला से जुड़े कलाकारों को आमंत्रित करके इन विधाओं में सुधार और विकास पर चिंतन बैठकें आयोजित की गई थी। अंबाला में लोक नृत्य और शास्त्रीय नृत्य क्षेत्र से जुड़े कलाकारों के साथ इस विधा पर चिंतन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बैठक में संबंधित कला विधा से जुड़े महान कलाकारों और विशेषज्ञों को आमंत्रित करके कला के सभी पहलुओं पर चिंतन किया जा रहा है। इस अवसर पर हरियाणा कला परिषद के कार्यक्रम अधिकारी सत्यावान, सदस्य शीशपाल चौहान, नागेंद्र शर्मा, हरियाणवी नृत्य के विशेषज्ञ बुद्ध राम मट्टू, महावीर गुड्डू, कला विशेषज्ञ डॉ. अनिल दत्ता, मंच जसदीप बेदी, अरविंद सूरी, चरणजीत चन्नी, पंजाबी नृत्य के माहिर परमजीत सिंह, नृत्य कला की विशेषज्ञ मनजीत कौर, अनिल मंहत आदि मौजूद रहे।
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