- मृतकों में अंबाला सिटी के जलबेड़ा गांव निवासी राजेंद्र, पंजाब के गरनाला निवासी शास्त्री, लालडू के रूप सिंह व यूपी के बाराबंकी निवासी कालिया शामिल
- घायल श्रमिकों की हालत गंभीर, सभी को अंबाला सिटी के नागरिक अस्पताल में कराया गया भर्ती
- अंबाला छावनी एयरफोर्स स्टेशन के पास बनाया जा रहा था भवन
माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला। अंबाला शहर के पास स्थित धूलकोट गांव में रविवार को निर्माणाधीन तीन मंजिला मकान की छत का लेंटर डालते समय अचानक पूरी स्लैब भरभराकर नीचे आ गिरी। इस हादसे में 16 श्रमिक दब गए, जिनमें चार की मौके पर ही मौत हो गई और 12 गंभीर रूप से घायल हो गए।
तीन से चार श्रमिकों को हल्की चोट आईं अन्य की हालत गंभीर बनी हुई है। मृतकों में अंबाला सिटी के जलबेड़ा गांव निवासी राजेंद्र, पंजाब के गरनाला निवासी शास्त्री, लालडू निवासी रूप सिंह व उत्तर प्रदेश के बाराबंकी निवासी कालिया शामिल हैं।
इनके अलावा घायल श्रमिक बिहार और उत्तर प्रदेश के निवासी हैं। यह हादसा दोपहर लगभग तीन बजे हुआ। छह घंटे तक एसडीआरएफ, एनडीआरएफ व अन्य एजेंसियों ने मलबे को हटाकर बचाव अभियान चलाया। एसडीएम दर्शन कुमार के मुताबिक, अवैध क्षेत्र में यह निर्माण किया जा रहा था। इस भवन में गोदाम बनाया जाना था।
अंबाला सिटी के नागरिक अस्पताल में पहुंचे श्रमिक कालू ने बताया कि वह व उसके कुछ साथी निर्माणाधीन भवन की दूसरी मंजिल पर काम कर रहे थे। वहीं कुछ श्रमिक तीसरी मंजिल पर लेंटर डालने के लिए शटरिंग लगाने का काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक से प्रथम तल की दीवार धंस गई जब तक हम निकल पाते पूरी बिल्डिंग जमींदोज हो गई।
कालू ने बताया कि उन्होंने दूसरी मंजिल से छलांग लगाकर जान बचाई। अन्य मजदूर नहीं निकल सके और बिल्डिंग में जहां थे वहीं फंसे रह गए। कालू ने बताया कि इसके बाद मैंने शोर मचाया तो आसपास के लोग एकत्रित हुए और बचाव का काम शुरू किया गया।
13 मिनट में पहुंची एसडीआरएफ
घटना की सबसे पहले सूचना धूलकोट गांव के पूर्व सरपंच नरेंद्र सिंह ने करीब 3:15 मिनट पर फायरब्रिगेड व पुलिस को दी। इसके 13 मिनट बाद फायरब्रिगेड, पुलिस और एसडीआरएफ मौके पर पहुंच गई। चार से पांच श्रमिकों को ग्रामीणों, फायरकर्मियों व एसडीआरएफ टीम की मदद से सकुशल खींच कर निकाल लिया गया। इसके बाद अन्य को निकालने के लिए कटर और जेसीबी की मदद ली जाने लगी।
अवैध क्षेत्र में बन रहा था भवन, चार इंच की थी दीवार
इस भवन का निर्माण 41 दिन पहले ही शुरू हुआ था। इतने दिनों में ही तीन मंजिल तक इसे बना दिया था। रेवेन्यू रिकॉर्ड देखने पर पता चलता है कि यह क्षेत्र अवैध है, यहां निर्माण करने की अनुमति नहीं है। नगर निगम के अधिकारियों से पता चला है कि इस भवन को बनाने के लिए एनओसी भी नहीं ली थी। अहम बात है कि यह पूरा भवन महज 41 दिन में तैयार हुआ, गीली मिट्टी और चार इंच की दीवार पर ही इसे खड़ा कर दिया गया था। इस भवन की संपत्ति आईडी किसी अजय के नाम मिली है। यह भवन एयरफोर्स स्टेशन के काफी करीब था। इस भवन के मालिक का प्रशासन पता लगाने में जुट गया है।
छह बजे पिंजौर से आई एनडीआरएफ
शुरुआती तीन घंटों में स्थानीय ग्रामीणों की मदद से एसडीआरएफ और पुलिस बचाव अभियान चलाते दिखे। इसी दौरान एसडीएम दर्शन कुमार ने पिंजौर स्थित एनडीआरएफ की टीम को सूचना पहुंचा दी। पिंजौर से करीब एक घंटे में, यानि शाम छह बजे एनडीआरएफ की टीम पहुंची और बचाव अभियान को अपने हाथ में लिया। श्रमिकों को खोजने के लिए खोजी कुत्तों का भी एनडीआरएफ ने सहारा लिया और एक श्रमिक को निकाला। हालांकि अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
16 लोगों को मलबे से निकाल लिया गया है। भवन के निर्माण में कई गंभीर कमियां दिख रही हैं। हम जांच कर रहे हैं, असली मालिक का पता लगाया जा रहा है ताकि कड़ी कार्रवाई की जा सके। - दर्शन कुमार, एसडीएम, अंबाला सिटी
धूलकोट में लेंटर के नीचे दबे व्यक्ति के शव को निकालकर ले जाते हुए। संवाद
धूलकोट में लेंटर के नीचे दबे व्यक्ति के शव को निकालकर ले जाते हुए। संवाद
धूलकोट में लेंटर के नीचे दबे व्यक्ति के शव को निकालकर ले जाते हुए। संवाद
धूलकोट में लेंटर के नीचे दबे व्यक्ति के शव को निकालकर ले जाते हुए। संवाद