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डॉक्टर हड़ताल पर मरीज परेशान, इमरजेंसी वार्ड में लगी भीड़

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अंबाला सिटी। आईएमए के कॉल पर सोमवार को अंबाला के सभी प्राइवेट और सरकारी डॉक्टर हड़ताल पर रहे। हालांकि सरकारी डॉक्टरों ने इमरजेंसी में ड्यूटी जारी रखी और हड़ताल को अपना समर्थन दिया। सोमवार सरकारी अवकाश के कारण ओपीडी नहीं खुली जिस कारण मरीजों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी। इमरजेंसी में मरीजों की भरमार थी। सिटी व कैंट में आईएमए के बैनर तले डाक्टरों ने रोष मार्च निकाला और बंगाल सरकार के खिलाफ रोष जताया।
सोमवार को जिले में करीब 600 डॉक्टर हड़ताल पर रहे। डॉक्टर्स ने सीएमओ संत लाल वर्मा को स्वास्थ्य मंत्री के नाम ज्ञापन देकर डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित की मांग के साथ सेंट्रल एक्ट बनाने को भी कहा ताकि वे सुरक्षित काम कर सकें। उधर स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने डॉक्टरों की सुरक्षा का भरोसा दिया है।
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इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर सोमवार अंबाला में 600 प्राइवेट डॉक्टर्स हड़ताल पर रहे। डॉक्टर्स ने पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों पर हुए हमलों की निंदा की और वहां की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से तुरंत अड़ियल रवैया छोड़कर कर डॉक्टरों की मांग मानने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार लगाई। डॉक्टरों ने कहा कि सोमवार सुबह 6 से शाम 6 बजे तक अपने निजी अस्पताल की ओपीडी बंद करके हड़ताल पर रहे, लेकिन साथ ही स्पष्ट किया कि कोई आपातकालीन होने पर मरीज का इलाज करेंगे। उनका कहना है कि पिछले एक सप्ताह से बंगाल में डॉक्टरों पर हमले किए जा रहे हैं और मुख्यमंत्री उनकी बात सुनने को तैयार नहीं हैं। उल्टे डॉक्टरों पर ही गलत इल्जाम लगा रही हैं। इसी के विरोध में सोमवार को निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को ज्ञापन सौंपा और हस्तक्षेप की मांग करते डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ सेंट्रल एक्ट बनाने की मांग की।
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स्वास्थ्य मंत्री ने दिया सुरक्षा का आश्वासन
डॉक्टरों द्वारा ज्ञापन देने के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने पूरी सुरक्षा का आश्वासन दिया। अनिल विज ने कहा कि देश ही नहीं, पूरे हरियाणा में डॉक्टरों की सुरक्षा का कानून है, लेकिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की हठधर्मिता की वजह से ये समस्या पैदा हुई है। विज ने सलाह दी कि ममता को तानाशाही रवैये की जगह मानवतावादी तरीका अपनाना चाहिए और डॉक्टरों की बात सुननी चाहिए। सीएम को सबकी बात सुनकर उनका निवारण करना चाहिए।
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