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हमीदपुर में कैंडल मार्च निकाल स्क्वाड्रन लीडर को दी श्रद्धांजलि

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हमीदपुर में कैंडल मार्च निकाल स्क्वाड्रन लीडर को दी श्रद्धांजलि
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अमर उजाला ब्यूरो
नारायणगढ़। हमीदपुर के सैकड़ों युवाओं और स्थानीय सरकारी स्कूल के छात्रों ने वीरवार को गांव में रैली निकालकर शहीद स्क्वाड्रन लीडर सिद्धार्थ वशिष्ठ श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने सिद्धार्थ वशिष्ठ अमर रहे, भारत माता की जय के नारे लगाए। वहीं पाकिस्तान को सबक सिखाए जाने की मांग की। बुधवार को कश्मीर के बड़गाम में एमआई 17 चॉपर क्रैश में शहीद हुए विंग कमांडर सिद्धार्थ वशिष्ठ के पैतृक गांव व उपमंडल के लोगों में जहां भारी गुस्सा है, वहीं वे देश के काम आए इस होनहार नौजवान की शहादत पर गर्व भी महसूस कर रहे हैं।
गांववासी व पूर्व पंचायत सदस्य सुशील कुमार ने कहा कि नौजवान की मृत्यु पर अफसोस है, लेकिन मां भारती की सेवा में शहादत का जाम पीकर सिद्धार्थ ने अपने गांव व प्रदेश का नाम रोशन किया है। उन्होंने मांग की कि शासन व प्रशासन गांव के स्कूल का नाम शहीद के नाम पर रखें। वहीं गांव के ही गुरमीत सिंह ने कहा कि इस बच्चे की मृत्यु पर पूरा गांव गमगीन है। उन्होंने सरकार से मांग की कि पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए एक बार आरपार कर दिया जाना चाहिए, हर रोज हमारे सैनिक दुश्मन की शह पर पल रहे आतंकवाद की भेंट चढ़ रहे हैं। परशुराम सेवा दल के प्रधान नरेंद्र शर्मा ने कहा कि सिद्धार्थ वशिष्ठ हमारे समाज का एक होनहार अधिकारी था, इतनी छोटी सी उम्र में शहादत का जाम पीने वाले इस वीर से परिवार, देश व समाज को जो क्षति हुई है, उसकी भरपाई नही हो सकती, संकट की घड़ी में पूरा समाज, देश परिवार के साथ है।
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वकीलों ने रखा वर्क सस्पेंड
शहीद सिद्धार्थ वशिष्ठ की शहादत पर स्थानीय बार के वकीलों ने प्रधान अशोक सैनी की अगुवाई में दो मिनट का मौन रख विंग कमांडर को श्रद्धांजलि दी व उसकी शहादत को नमन करते हुए वीरवार को वर्क सस्पेंड रखा तथा शासन से मांग की कि शहीद की याद में एक स्मारक बनाया जाए ताकि आने वाली पीढ़ी को प्रेरणा मिल सके।
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