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बिना परमिट के चल रहा था अवैध खेल, पंजाब से अंबाला आ रही थी बसें, सीएम फ्लाइंग के छापे में सात इम्पाउंड

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बिना परमिट पंजाब से अंबाला आ रही थी बसें, सीएम फ्लाइंग के छापे में सात इंपाउंड
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फोटो नंबर : 32 व 33
केवल राजपुरा तक था बसों का परमिट, मगर मिलीभगत से अंबाला तक बसें हो रही थीं आपरेट
प्रत्येक बस पर 50 हजार रुपये ठोका जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। सीएम फ्लाइंग स्क्वायड के छापे में सोमवार को अंबाला में सात बसों को इंपाउंड किया गया। पंजाब नंबर की यह बसें अंबाला तक बिना किसी परमिट के ही आपरेट हो रहीं थीं। यह अवैध खेल अभी से नहीं बल्कि बीते काफी समय से चल रहा था। न ही रोडवेज, न ही आरटीए द्वारा इस मामले में कार्रवाई की गई। सीएम फ्लाइंग स्क्वायड को इसकी भनक लगी तो टीम ने गुपचुप तरीके से कैंट बस स्टैंड पर सोमवार दोपहर को छापा मारा और इस दौरान नौ बसों को पकड़ लिया। दो बसों के कागज सही मिले जबकि शेष सात बसों को इंपाउंड करके उन पर 50-50 हजार रुपये जुर्माना ठोका गया।
दोपहर सीएम फ्लाइंग ने की कार्रवाई
दोपहर को कैंट बस स्टैंड पर पहुंची सीएम फ्लाइंग स्क्वायड ने डीएसपी सिद्धार्थ ढांडा के नेतृत्व में कार्रवाई की। टीम ने पंजाब से आने वाली प्राइवेट बसों पर नजर रखी। यह बसें बस स्टैंड में दाखिल न होकर जीटी रोड फ्लाईओवर के नीचे ही यात्रियों को उतार रही थीं। टीम ने नौ बसों को बस स्टैंड क्षेत्र में पकड़ा जिसके बाद उन्हें बस स्टैंड परिसर पर लाया गया। टीम में आरटीए स्टाफ भी शामिल रहा। सभी चालकों से बस के कागज मांगे गए। केवल दो चालक ही कागज दिखा सके जिसके आधार पर उन्हें छोड़ दिया गया। कुछ चालकों ने कहा कि कुछ देर तक कागज आ जाएंगे, मगर इसके बाद भी वह परमिट से संबंधित कागज नहीं दिखा सके। किसी भी बस संचालक द्वारा देर शाम तक जुर्माना नहीं भरा गया जिस कारण बसों को पुलिस की निगरानी में बस स्टैंड परिसर में ही रखा गया है।
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कई दिन से चल रहा था खेल
पंजाब की बसों का बिना परमिट अंबाला में संचालन हो रहा था। इससे प्रदेश सरकार के राजस्व को नुकसान पहुंच रहा था। सूत्र बताते हैं कि यह अवैध खेल कई दिन से चल रहा था। सूत्र बताते हैं कि छापे की जानकारी पाकर पंजाब से और भी कई प्राइवेट बसें अंबाला तक आ रहीं थी जोकि रास्ते में ही रुक गईं। बता दें कि किसी भी रूट पर चलने से पहले सरकार इसका परमिट जारी करती है जिसके बदले फीस वसूली जाती है।
केवल राजपुरा तक था परमिट
कुछ बसों के दस्तावेजों की टीम ने जांच की तो इनका परमिट केवल राजपुरा तक पाया गया। अलग-अलग रूटों से आने वाली बसें केवल पंजाब के राजपुरा तक ही मान्य थीं, मगर इन्हें हरियाणा में लाया जा रहा था। पकड़ी गईं बसें खटड़ा ट्रांसपोर्ट, निर्भया ट्रांसपोर्ट व अन्य ट्रांसपोर्ट की हैं।
यह बोले अधिकारी
- सीएम फ्लाइंग स्क्वायड के डीएसपी सिद्धार्थ ढांडा ने बताया कि पंजाब की प्राइवेट बसों के बाद कोई सही दस्तावेज नहीं था। चालक बिना परमिट के प्रदेश में बसों का संचालन कैंट बस स्टैंड तक कर रहे थे।
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- आरटीए के सह सचिव शम्मी शर्मा ने बताया कि सीएम फ्लाइंग स्क्वायड के साथ मिलकर कार्रवाई की है। सात बसों के दस्तावेज अधूरे थे। प्रत्येक बस पर 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। बसों को कब्जे में लेकर चाबियां लालकुर्ती पुलिस को सौंप दी हैं।
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