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एयरफोर्स ने दिखाई अपनी ताकत, मिग-21 से लेकर मिसाइल सिस्टम तक किया प्रदर्शित

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एयरफोर्स ने दिखाई ताकत, मिग-21 से लेकर मिसाइल सिस्टम तक को किया प्रदर्शित
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फोटो नंबर : 2 से 5
एयरफोर्स दिवस से पहले अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर लड़ाकू विमानों और हथियारों की लगाई गई प्रदर्शनी
हवा में मिग-21 और जगुआर विमानों की फार्मेशन को भी किया गया प्रदर्शित
आठ अक्तूबर को है एयरफोर्स दिवस
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। एयरफोर्स दिवस से ठीक दो दिन पहले अंबाला एयरफोर्स स्टेशन द्वारा अपनी ताकत को प्रदर्शित किया गया। कभी एयरफोर्स की रीढ़ माने जाने वाले मिग-21 से लेकर जगुआर विमान तो माइक्रोलाइट विमान से लेकर एंटी एयर क्राफ्ट मिसाइल तक प्रदर्शित की गई। हवा में मिग-21 और जगुआर विमानों ने एक साथ फार्मेशन में चलते हुए सभी को रोमांचित कर दिया। एयरफोर्स की ताकत का यह प्रदर्शन स्कूली बच्चों के लिए किया गया जोकि अपनी दांतों तले अंगुलियां दबाने को मजबूर हो गए। विभिन्न जिलों से छह हजार से अधिक विद्यार्थियों को एयरफोर्स स्टेशन का शनिवार को भ्रमण कराया गया।
एयरफोर्स अपना 87वां स्थापना दिवस मना रही है और इसी के उपलक्ष्य पर शनिवार को विद्यार्थियों को एयरफोर्स की ताकत का अहसास कराया गया। अंबाला के अलावा चंडीगढ़, मोहाली, कुरुक्षेत्र, पानीपत व करनाल के विद्यार्थियों ने एयरफोर्स स्टेशन का भ्रमण किया। इस दौरान बच्चों ने उत्सुकता से एयरफोर्स के लड़ाकू विमानों के अलावा ट्रांसपोर्ट व टोही विमान के अलावा हेलीकॉप्टर, एंटी एयरक्राफ्ट मिसाइल सिस्टम और लड़ाकू विमानों में इस्तेमाल होने वाले हथियारों को देखा। एयरफोर्स के युवा पायलट एवं स्टाफ द्वारा बच्चों को विमानों व हथियारों की जानकारियां दी गईं। इस दौरान युवाओं को एयरफोर्स में भर्ती के लिए भी प्रेरित किया गया। मौके पर एयरफोर्स स्टेशन के एओसी एयर कमोडोर एलके चावला, आवा की अध्यक्ष सपना चावला सहित विभिन्न स्क्वाड्रन के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
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यह विमान किए प्रदर्शित
प्रदर्शनी में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन के सबसे प्रमुख जगुआर लड़ाकू विमान को प्रदर्शित किया गया। ट्विन इंजन वाले विमान के ट्रेनी वर्जन को प्रदर्शित किया गया जिसमें एक साथ दो पायलट विमान में बैठ सकते हैं। इसके अलावा मिग-21 विमान, आसपास क्षेत्र में नजर रखने में इस्तेमाल होने वाले माइक्रोलाइट, ट्रांसपोर्ट विमान एन-32, हेलीकॉपटर और लड़ाकू विमानों में इस्तेमाल होने वाली मिसाइल, कलस्टर बम, गन व अन्य हथियार प्रदर्शित किए गए। प्रदर्शनी में एयरफोर्स स्टेशन की सुरक्षा में इस्तेमाल होने वाली मिसाइल सिस्टम को भी प्रदर्शित किया गया और इसकी कार्यप्रणाली की भी जानकारी दी गई। मुख्य आकर्षण एयरफोर्स का वर्षों पुराना लड़ाकू विमान डकौता भी दिखाया गया। बच्चों ने एयरफोर्स स्टेशन में स्थित म्यूजियम को भी देखा जहां टाइगरमथ, टेंपेस्ट, स्पिटफायर, हारवर्ड, तूफानी, हंटर पुराने विमानों के मॉडल प्रदर्शित किए गए थे।
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इधर, खड़गा कोर ने मनाया स्थापना दिवस
शनिवार को सेना की खड़गा कोर ने शनिवार को अपना स्थापना दिवस मनाया। कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल आलोक कलेर ने प्रात: विजय स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके उपरांत दिनभर कोर में विभिन्न कार्यक्रम हुए। शाम को खड़गा स्टेडियम में सारागढ़ी कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। बता दें कि 1971 में भारत-पाक युद्ध से ठीक पहले छह अक्तूबर को कोर की स्थापना हुई थी। कोर को बंगलादेश मुक्ति अभियान की जिम्मेदारी सौंपी गई थी और दुश्मन क्षेत्र के भीतर घुसकर कोर के जवानों ने पाक सेना को जबरदस्त क्षति पहुंचाई थी। इस दौरान कोर के कई जवान शहीद हुए थे। युद्ध के पास पहले चंडी मंदिर कोर को शिफ्ट किया गया था, मगर बाद में इसे अंबाला शिफ्ट किया गया। आज खड़गा कोर भारतीय सेना में सबसे आक्रामक कोर मानी जाती है।
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