पतरेहड़ी गांव के पास गाय की चपेट में आया बाइक सवार युवक, मौत
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। शहर की सड़कों पर घूम रहे लावारिस पशु लोगों की जिंदगी खतरे में डाल रहे हैं। शहजादपुर के गांव पतरेहड़ी के पास लावारिस गाय की चपेट में आने से बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। वहां से गुजर रहे लोग उसे शहजादपुर सीएचसी ले गए, जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। शुक्रवार को भी सिंहपुरा रोड पर आर्मी पब्लिक स्कूल के सामने कुत्ता आ जाने के कारण स्कूल बस पलट गई थी, जिसमें चार बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इससे पहले भी कई लोग लावारिस पशुओं की वजह से जान गंवा चुके हैं।
साहा के निकटवर्ती गांव ढकौला का रहने वाला इंद्रपाल सिंह पुत्र स्वर्ण सिंह शुक्रवार देर रात मोटरसाइकिल से शहजादपुर से अपने गांव की तरफ जा रहा था। जब वह गांव पतरेहड़ी के पास पहुंचा तो अचानक उसकी बाइक के सामने गाय आ गई। गाय के साथ टक्कर लगते ही वह गिरकर बुरी तरह से घायल हो गया। लोगों ने उसे शहजादपुर सीएचसी पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं पुलिस ने शव को नारायणगढ़ शवगृह में रखवाया, जहां पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को सौंप दिया गया।
कोर्ट में वादा, फिर भी आए दिन हो रहे हादसे
लावारिस पशुओं का मामला कोर्ट में जाने के बाद नगर निगम ने दो महीने में सड़कों से लावारिस पशुओं को हटाने का आश्वासन दिया। इसके बाद नगर निगम ने शहर में लावारिस पशुओं को पकड़ने का अभियान भी चलाया हुआ है। इसके बावजूद आए दिन हादसे हो रहे हैं। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार अब तक 174 लावारिस पशुओं को पकड़ा जा चुका है।
शहर में भी गोशाला के लिए देखी जा रही जगह
आए दिन हादसों की खबर के बाद प्रशासन ने शहर में भी गोशाला के लिए जगह देखनी शुरू कर दी है। डीसी शरणदीप कौर बराड़ के अनुसार ऐसी जगहों पर फाटक बनाकर लावारिस पशुओं को रखा जाएगा। वहीं दुधारू पशुओं को सड़कों पर छोड़ने पर 5100 जुर्माना का भी प्रावधान किया है।
कुत्ता सामने आने पर पलट गई थी स्कूली बस
शुक्रवार को आर्मी पब्लिक स्कूल के बच्चों को लेकर आ रही स्कूल बस के सामने अचानक कुत्ता आ गया। उसे बचाने के चक्कर में बस पलट गई थी। बच्चों की चीख पुकार सुन लोग पहुंचे और उन्हें मिलिट्री अस्पताल में भर्ती कराया। इसमें चार बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
कैंटोनमेंट बोर्ड से सीखे निगम व प्रशासन
नगर निगम एवं जिला प्रशासन को कैंटोनमेंट बोर्ड से सीख लेने की जरूरत है। बोर्ड द्वारा इस कार्य के लिए विशेष स्टाफ को तैनात कर दिया है जोकि चौबीस घंटे स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। क्षेत्र को अलग-अलग सेक्टरों में विभाजित किया गया है और रात्रि के समय लावारिस पशुओं को बोर्ड स्टाफ द्वारा पकड़ कैटल यार्ड में रखा जा रहा है। मगर निगम या प्रशासन द्वारा अब तक इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
अब तक यह हादसे
- कुछ दिन पहले धुरकड़ा के पास अंबाला नंबर की मारुति कार जिसमें 3 लोग थे, बैल के आगे आ जाने से जख्मी हो गए थे।
- डेढ़ माह पहले मंजी साहिब के पास बाइक सवार पटियाला के दो लोग गाय आगे आ जाने से जख्मी हो गए थे।
- धूलकोट के पास 6 माह पूर्व कार सवार दो व्यक्ति एक नारायणगढ़ का और एक पंजाब का, गाय आ जाने से दोनों की मौत हो गई थी।
- सप्ताह पहले ही अग्रसेन चौक पर ट्रक के आगे गाय आ जाने से ट्रक वाला गाय के ऊपर से ही ट्रक निकाल कर ले गया।
- दो दिन पहले जंडली पुल पर रात के समय वाहन आगे आने से कार सवार लोग घायल हुए थे।