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नए विधायक हैं गोयल, नासमझी की वजह से रूका है कार्य : विज

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अमर उजाला ब्यूरो
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अंबाला सिटी। विकास कार्यों को लेकर विधायक असीम गोयल एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के बीच विवाद नया नहीं है। इसकी जड़ें पुरानी हैं। यह पहला मामला नहीं है कि किसी बात को लेकर दोनों आमने-सामने न हुए हों। इससे पहले भी दोनों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ चुके हैं। यह मतभेद विभिन्न कार्यक्रमों में भी देखे जा सकते हैं जहां एक मंच पर दोनों नेता विरले ही नजर आते हैं। सिटी में नागरिक अस्पताल में बेडों की संख्या बढ़ाने के मामले में अनिल विज ने कहा कि विधायक की नासमझी की वजह से ही यह काम रुका हुआ है।
भाजपा के दोनों कद्दावर नेताओं के बीच विवाद बीते वर्ष 18 सितंबर को उस समय खुलकर सामने आया था जब जीटी रोड पर जग्गी सिटी सेंटर के समक्ष स्वर्ण जयंती द्वार का शिलान्यास पत्थर रखा गया था। मंत्री विज को बिना बताए ही शिलान्यास पत्थर विधायक असीम गोयल ने रख दिया गया था और विवाद हुआ तो इस पत्थर को दो दिन बाद ही आनन-फानन में हटा दिया गया था। मंत्री अनिल विज स्वर्ण जयंती महोत्सव के नोडल मंत्री थे और उन्हें इसकी जानकारी होनी चाहिए थी। इसकी शिकायत विज ने सीएम तक से की थी और तभी से दोनों नेताओं के बीच मतभेद चल रहा है। अब सिटी विधायक के ताजा आरोपों के बाद फिर से दोनों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं।
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मुख्यमंत्री के पास गई थी फाइल
अनिल विज ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री बनने के बाद उन्होंने जो सबसे पहला काम किया वह सिटी के नागरिक अस्पताल को 300 बेड का मंजूर करने का किया, लेकिन अब विधायक गोयल वहां पर अड़े हुए हैं कि 200 बेड का तो अस्पताल है ही, 100 बेड का एक और नया अस्पताल बना दिया जाए। ये फाइल मुख्यमंत्री के पास गई थी। उन्होंने आदेश दिए हैं कि इस 200 बेड के अस्पताल को ही अपग्रेड करके 300 बेड का कर दिया जाए। मगर विधायक इस पर अड़े हैं कि नया अस्पताल बनाया जाए जो संभव नहीं है। विधायक की नासमझी की वजह से ही यह काम रुका हुआ है। हमने इस पर काम करने के आदेश दिए हुए हैं जिस पर काम जारी है। विज ने कहा कि हमारे पास अधिकारी आए थे जिन्होंने अपनी रिपोर्ट भी दी। मगर विधायक ही उसे बनने नहीं दे रहे और उसे रोक रहे हैं। मंत्री विज ने कहा कि वह नए विधायक हैं। सेक्टर दस में स्टेडियम हुडा के अधीन है। वहां जो कुछ करना है वो हुडा विभाग ही करेगा, वहां खेल विभाग ने कुछ नहीं करना लेकिन यह हुडा की बजाए हमें अप्रोच कर रहे हैं। हुडा से कहकर यह स्टेडियम खेल विभाग को ट्रांसफर करवा दें फिर हम बनवा देंगे। हमें कोई एतराज नहीं है, लेकिन हुडा ने इसे ट्रांसफर करने से मना कर दिया है। विधायक अपनी चिट्ठी गलत पते पर डाल रहे है। उनको जानकारी नहीं है, जो कुछ हो सकता है वो हम कर रहे हैं।

सीएमओ को फटकार के बाद से था विधायक में गुस्सा
बता दें कि शुक्रवार को विधायक असीम गोयल ने सिटी सिविल अस्पताल में कई घंटे बिजली गुल होने के बाद सीएमओ और पीएमओ को कड़ी फटकार लगाई थी। इसके बाद उन्होंने दोनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश के लिए स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को पत्र भी लिखा था। मगर दोनों अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई और अब आखिरकार विधायक गोयल का गुस्सा फूट पड़ा। विधायक गोयल ने स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री अनिल विज पर अपने हल्के के दो बड़े प्रोजेक्ट्स की अनदेखी और नाइंसाफी करने के आरोप लगाए। गोयल ने कहा कि वह मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से निवेदन करके अंबाला सिटी के नागरिक अस्पताल के लिए 300 बेड और सेक्टर 10 के स्टेडियम के जीर्णोद्धार करवाए जाने की सौगात लेकर आये थे। मई 2016 में मुख्यमंत्री ने इन दोनों प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दी थी। सिटी सिविल अस्पताल 200 से 300 बेड का होना था, परंतु ये फाइल मंत्री के कार्यालय में अटकी पड़ी है। असीम गोयल का आरोप था कि सीएम के पास करने बावजूद स्वास्थ्य मंत्री इस पर कुछ नहीं किया। उन्होंने सिटी सेक्टर दस के जर्जर हो रहे स्टेडियम पर भी सवाल उठाया और कहा कि स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक, आल वेदर स्विमिंग पूल बनना है। मुख्यमंत्री ने इसे हुडा से स्पोर्ट्स विभाग में ट्रांसफर भी कर दिया परंतु मंत्री ने इसे भी लेने से मना कर दिया है। असीम ने कहा कि मंत्री केवल अपने हल्के के काम करने के लिए नहीं बनता उनका दायित्व है कि वो पूरे हरियाणा को एक नजर से देखें। वह केवल अपने हलके में भव्य स्टेडियम व अस्पताल बनवा रहे हैं। असीम गोयल ने यह भी कहा कि गत दिनों सीएमओ व पीएमओ पर कार्रवाई के लिए कहा गया था, मगर मंत्री ने अब तक इसपर कोई एक्शन नहीं लिया है।

एक मंच पर भी कम दिखे दोनों नेता
एक ही शहर में दोनों नेताओं में मतभेद इस कदर हैं कि दोनों एक ही मंच पर विरले ही नजर आते हैं। मगर विधायक असीम गोयल का एकाएक मंत्री के खिलाफ सार्वजनिक तौर पर बयान देना यह भी राजनीतिक गलियारों में लोगों के गले से नीचे नहीं उतर रहा है। आखिरकार विधायक को ऐसी हद क्यों पार करनी पड़ी जबकि इस मामले की जानकारी भाजपा के शीर्ष नेताओं व सीएम तक से की जा सकती थी।
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स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज और विधायक असीम गोयल के बीच जो भी गलतफहमी है उसे हर हाल में दूर किया जाएगा। पार्टी के संज्ञान में यह मामला है और इस गलतफहमी को जल्द दूर किया जाएगा।
-जगमोहन कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष, अंबाला।
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