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- कारोबारियों ने भी नहीं दिखाई दिलचस्पी, तीन कारोबारियों में केवल दो ही कारोबारियों ने लगाए स्टाल

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मेरी साइकिल, मेरी पसंद योजना : विद्यार्थियों को लगी पांच प्रतिशत जीएसटी की चपत
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी।
लगता है कि सरकार स्वयं ही भूल गई की उन्होंने किस वस्तु पर कितना जीएसटी लगा रखा है। अगर सरकार को पता होता कि साइकिल पर 12 प्रतिशत जीएसटी है तो वह विद्यार्थियों को पांच प्रतिशत अतिरिक्त जीएसटी नहीं देना पड़ता। गौरतलब है कि मेरी साइकिल, मेरी योजना के तहत गांव से दो किलोमीटर दूर आने वाले एससी कैटेगिरी के विद्यार्थियों को साइकिलें दी जानी है। इसके लिए सात प्रतिशत जीएसटी के साथ रेट भी तय कर दिए गए। लेकिन अब साइकिल मेले में विद्यार्थियों को 12 प्रतिशत जीएसटी देना पड़ेगा यानि मनपसंद साइकिल तो खरीद सकेंगे लेकिन पांच प्रतिशत जीएसटी की चपत के साथ। साइकिल मेले में विक्रेता 12 प्रतिशत जीएसटी के साथ दाम बता रहे हैं। बच्चे पहले ही असमंजस में है क्योंकि जो रेट विभाग ने तय किए है, वो बाजार कीमत से काफी कम है।

यह है योजना : सरकार की मेरी साइकिल, मेरी पसंद योजना के तहत शिक्षा विभाग की ओर से विद्यार्थियों के लिए साइकिल मेले का आयोजन किया जा रहा है। जिसका लाभ सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले उन एससी विद्यार्थियों को मिलेगा जिनका घर स्कूल से दो किलोमीटर की दूरी पर है। इसके लिए सरकार की ओर से विद्यार्थियों को साइकिल के लिए 2575 रुपये और 2975 रुपये दिए जाने हैं, इसके ऊपर सात प्रतिशत जीएसटी के रुपये अलग से दिए जाएंगे। बल्कि जब दुकानदार विद्यार्थी को साइकिल की कीमत बताएगा तो वह 12 प्रतिशत जीएसटी को जोड़ेगा। इस हिसाब से जब विद्यार्थी साइकिल खरीदेगा तो उसे पांच प्रतिशत जीएसटी अधिक देना होगा। एक साइकिल विक्रेता ने बताया कि साइकिल पर 12 प्रतिशत जीएसटी है, इसको जोड़कर ही हम विद्यार्थियों को रेट बता रहे हैं।
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कारोबारी नहीं दिखा रहे दिलचस्पी
वहीं दूसरी और साइकिल कारोबारियों ने भी मेले में किसी भी तरह की कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई, क्योंकि काफी प्रचार प्रसार करने के बाद भी केवल तीन ऐसे कारोबारी मेले में शामिल होकर स्टाल लगाए थे। लेकिन सोमवार को तीन कारोबारियों में से केवल दो ही कारोबारी मेले में रह गए हैं। अब देखने वाली बात यह है कि मंगलवार तक बचे हुए दो कारोबारी भी आते है कि नहीं। अगर ऐसा हुआ तो बच्चे साइकिल कैसे पसंद करके खरीद पाएंगे।

अभिभावक हुए निराश
विद्यार्थी और अभिभावक साइकिल पसंद करने के लिए मेले में पहुंच रहे है लेकिन जैसे ही उनको यह पता चला कि सभी साइकिलों की कीमत सरकार द्वारा दिए जा रहे रुपयों से अधिक है तो मायूसी ही हाथ लग रही है। अभिभावकों के साथ साथ दुकानदारों को भी समझ नहीं आ रहा है कि सरकार ने किस हिसाब से साइकिलों के लिए विद्यार्थियों को 2500 से 2900 रुपये देने का निर्णय लिया है। बल्कि साइकिल की कीमत शुरू ही 3500 रुपये से है।
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सोमवार को छठी कक्षा के 365 विद्यार्थियों ने साइकिल की बुकिंग करवाई और विभाग की ओर से सात प्रतिशत जीएसटी के और जो साइकिल के लिए रेट निर्धारित किए गए हैं वह दिए जाएंगे। -उमा शर्मा, डीईओ।
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