टमाटर हुआ लाल, बैंगन और मटर भी महंगे
अंबाला कैंट।
प्री-मानसून के दौरान आसपास के इलाकों में अत्याधिक बरसात पड़ने से भले ही जनता को काफी राहत महसूस हुई हो, परंतु बरसात का असर सब्जियों की फसल पर पड़ा है। बरसात के बाद से मंडियों में पहुंचने वाली सब्जियों के दाम दोगुना तक पहुंच गए है। इस कारण आम आदमी सब्जी खरीदने से पहले सोचने को मजबूर हो गया है। उधर, सब्जी के दामों में अचानक आए उछाल से गृहणियों की रसोई का बजट पूरी तरह से चरमरा गया है। गृहणियों की मानें तो पहले ही वह महंगाई की मार से जूझ रहे है और ऊपर से सब्जियों के दामों ने रसोई का पूरा बजट ही बिगाड़ दिया है। सब्जी विक्रेता और आढ़ती सुरेंद्र, मोहन, शंकर व अन्य का कहना है कि पीछे से सब्जी कम आ रही है और सब्जी की कमी होने के कारण सब्जी के दामों में उछाल देखने को मिल रहा है।
सब्जी के दाम सुन जनता हो रही हैरान
सब्जी पिछले हफ्ते के दाम इस हफ्ते के दाम
मशरूम 100 150 रुपये किलो
टमाटर 20 40 रुपये किलो
बैंगन 20 40 रुपये किलो
तोरी 10 20 रुपये किलो
गाजर 40 50 रुपये किलो
करेला 20 30 रुपये किलो
बींस 30 50 रुपये किलो
मटर 40 60 रुपये किलो
खीरा 20 30 रुपये किलो
घीया 20 30 रुपये किलो
कद्दू 15 20 रुपये किलो
अदरक 60 80 रुपये किलो
कच्चा केला 20 30 रुपये किलो
नींबू 40 60 रुपये किलो
सब्जियों के साथ-साथ तड़के से गायब हुआ टमाटर
अचानक दामों में आए उछाल से सब्जियों तो थाली से गायब होती जा रही है, वहीं टमाटर भी तड़के से गायब हो रहे है। गृहणियों संतोष देवी, अल्का यादव, सरोज शर्मा, उमा शर्मा का कहना है कि सब्जी के दामों से इजाफा होने सब्जी को छोड़कर दालों का इस्तेमाल करने पर मजबूर हो गए हैं। कुछ सब्जियों के दामों में तो राहत है, परंतु जो सीजन की सब्जियां हैं, उनके दामों में उछाल के कारण सब्जियों को खरीदना तक बजट से बाहर हो रहा है। अब तो केवल बाजारों से सब्जी के दाम गिरने का इंतजार है, ताकि वह दोबारा से सब्जी खरीद सकेंगे।
यहां खेती प्रभावित
अंबाला में टुंडला, टुंडली, तोपखाना, कलरहेड़ी, बोह, रामगढ़ माजरा, उगाड़ा-बाड़ा, खोजकीपुर, मोहड़ा, शाहपुर, रामपुर सरसेहड़ी, खुड्डा व अन्य आसपास गांवों से काफी मात्रा में सब्जी शहर में आती है। बरसात का असर सब्जी पर पड़ा है।