अंबाला सिटी। अंबाला सेंट्रल जेल में डेराप्रेमी बंदियों की संख्या 22 हो गई है। शुक्रवार शाम कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच छत्रपति हत्याकांड में पंचकूला विशेष अदालत द्वारा दोषी करार दिए गए तीनों दोषियों को अंबाला सेंट्रल जेल लाया गया। इससे पहले हनीप्रीत सहित कुल 19 बंदी सेंट्रल जेल में बंद थे। मामले की संवेदनशीलता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिस समय दोषियों को अंबाला जेल लाया गया उससे ठीक पहले सुरक्षा का दायरा जेल परिसर के आसपास मजबूत कर दिया गया। पुलिस फोर्स के अलावा एसपी आस्था मोदी स्वयं सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए मौके पर खड़ी रहीं। जेल के आसपास सड़कों को वाहन चालकों के लिए बंद कर दिया गया था जबकि दिनभर बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, मॉल, सिविल अस्पताल एवं नामचर्चा घरों के आसपास पुलिस तैनात रही।
क्यूआरटी की निगरानी में दोषियों को लाया गया जेल
शाम ठीक सवा चार बजे पुलिस की क्यूआरटी के नेतृत्व में छत्रपति हत्याकांड के तीनों दोषियों को अंबाला सेंट्रल जेल में लाया गया। बंदी वाहन के आगे-आगे क्यूआरटी एवं अन्य पायलट जिप्सियां चल रही थीं। पूरे काफिले में करीब दस वाहन शामिल थे जिसमें पुलिस मुलाजिम हथियारों से लैस थे। जीटी रोड से जेल रोड की ओर दोषियों को लाया गया और इस दौरान पूरी रोड को वाहन चालकों के लिए बंद कर दिया गया था। दोपहर तीन बजे से ही अंबाला सेंट्रल जेल के आसपास सुरक्षा का घेरा पुलिस ने मजबूत करना शुरू कर दिया। जिस वजह से जीटी रोड एवं अन्य स्थानों से जेल रोड को बेरीगेट्स लगाकर बंद कर दिया गया था। जेल के बाहर सुरक्षा एवं आपात स्थिति से निपटने के लिए हथियारों से लैस पुलिस फोर्स एवं कमांडो दस्ते भी लगाए गए। एसपी ने इस दौरान स्टाफ को दिशा-निर्देश भी दिए। दोषियों को बंदी वाहन में लाने के बाद भी काफी समय तक बेरीकेट्स लगे रहे।
नामचर्चा घरों पर पुलिस की रही निगरानी
छत्रपति हत्याकांड में स्पेशल कोर्ट के फैसले को देखते हुए ट्विन सिटी में दिनभर पुलिस का पहरा रहा। सिविल अस्पतालों के अलावा, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड के अलावा जिले में स्थित 13 नामचर्चा घरों में पुलिस की निगरानी रही। अलग-अलग टीमों की दिनभर ड्यूटियां रही ताकि कोई शरारती तत्व उपद्रव मचा सके जबकि डीएसपी रैंक के अधिकारी लगातार दिनभर अपने-अपने क्षेत्रों में गश्त भी करते रहे।
अंबाला में भी पूर्व में शांति भंग करने का हुआ था प्रयास
बता दें कि अगस्त 2017 में साध्वी यौन शोषण के मामले में डेरामुखी के खिलाफ फैसला आने पर अंबाला में भी शांति भंग करने का प्रयास किया गया था। यहां पर कई नामचर्चा घरों से लाठियां, डंडे, धारदार हथियार, पेट्रोल, बंब एवं अन्य सामान बरामद किया गया था। इसके अलावा कैंट एसडीएम कार्यालय के निकट एक व्यक्ति को भी पेट्रोल की कैनी के साथ फैसले वाले दिन ही दबोचा गया था।
300 से अधिक डेरा समर्थक थे पहले जेल में, एक बंदी ने की थी आत्महत्या
अगस्त 2017 में डेरामुखी के खिलाफ फैसला आने पर पंचकूला में उपद्रव मचाने के मामले में सैकड़ों डेरा समर्थकों को पकड़कर अंबाला सेंट्रल जेल में भेजा गया था। इस दौरान इनमें से एक डेरा समर्थक 28 वर्षीय रविंद्र कुमार ने जेल के टॉयलेट में ही फंदे से लटक आत्महत्या कर ली थी।
छत्रपति हत्याकांड पर निर्णय को देखते हुए पुलिस ने जिलेभर में महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त किया है। अंबाला सेंट्रल जेल में दोषियों को शाम को शिफ्ट किया गया और इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है।
आस्था मोदी, एसपी, अंबाला।