सर्रा बीमारी से छह पशुओं की मौत
अमर उजाला ब्यूरो
मुलाना। बीते एक सप्ताह में झाडुमाजरा गांव के एक पशुपालक के छह दुधारू पशु सर्रा जैसी बीमारी की चपेट में आने से काल का ग्रास बन चुके हैं। इसके बाद पशुपालक डा. रविंद्र धीन व निखिल ने गांव में पहुंचकर पशुओं का इलाज किया। इतना ही नहीं पूरे गांव के पशुपालकों के पशुओं को चेककर सर्रा की दवाई दी।
शनिवार सुबह पशु चिकित्सकों ने पशुओं की मौत का कारण जानने के लिए मरे हुए पशुओं के रक्त के नमूने लिए। झाडुमाजरा के पशुपालक रामकरण ने बताया कि पिछले लगभग एक सप्ताह से उसके पशु अचानक बीमारी की चपेट में आ गए। उनको अंधापन महसूस हुआ, जिससे वह मर गए। रामकरण ने बताया कि पशु पहले चारा खाना छोड़ देते हैं, जिसके बाद वो अंधे होने लगते हैं। उसके बाद अचानक उनकी मौत हो गई। इसी तरह उनकी तीन भैसों व तीन गायों ने दम तोड़ दिया है। उन्होंने बताया कि उनके पास लगभग 22 पशु थे, जिसमें से अब केवल 16 बचे हैं। उनमें से भी दो बछड़ियां, एक कटड़ी व एक कटड़ा अंधे हो चुके हैं, जबकि अन्य तीन पशु चारा खाना छोड़ चुके हैं। लगातार 6 पशु मरने से उन्हें लाखों रुपए का नुकसान हो चुका है। आशंका है कि कहीं चारे में तो ऐसा कुछ नहीं है जिससे पशु काल का ग्रास बन रहे हैं।
बीमारी पर काबू पा लिया : डाक्टर
डा. निखिल और डा. रविंद्र सैनी ने बताया कि पशुओं में सर्रा बीमारी हो सकती है। ऐसे में पशु अंधा हो जाता है। चारा नहीं खा पाता। उसके लिए हमने पूरे गांव के पशुपालकों के यहां जाकर इंजेक्शन दिए हैं। बीमारी पर काबू पा लिया है। मर चुके पशुओं के खून के नमूने भी लिए हैं, ताकि जांच के बाद पता चल सके कि मौत बीमारी से या चारे के साथ जहरीला पदार्थ खाने से हुई है।