अंबाला कैंट। कैथल में शुक्रवार कष्ट निवारण समिति की बैठक के दौरान सस्पेंड किए गए स्वास्थ्य कर्मी शनिवार अनिल विज से मिलने पहुंचे। उन्होंने अपनी गलती के लिए विज से माफी देने की गुहार लगाई। इस दौरान स्टाफ नर्स मंत्री के सामने फूट-फूट कर रोई व हाथ जोड़कर माफी भी मांगी। मगर मंत्री विज ने उन्हें बहाल करने से इंकार कर दिया।
इस दौरान हरियाणा राज्य कर्मचारी संघ के बलजीत सिंह संधू की ओर से निलंबित कर्मचारियों को बहाल करने के लिए विज को एक मांगपत्र भी दिया गया। मांग की गई कि कष्ट निवारण समिति की बैठक में स्वास्थ्य विभाग कैथल में कार्यरत स्टाफ नर्स गुरमेलो देवी, नर्स अनारकली, ईएमटी विकास व एंबुलेंस चालक शिव कुमार को गलत सस्पेंड किया गया है। चारों कर्मचारी कई वर्षों से ईमानदारी से काम करते हुए अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। इन कर्मचारियों को बहाल किया जाए। स्टाफ नर्स गुरमेलो देवी ने बताया कि जिस डिलीवरी के बाद बच्चे की मौत में लापरवाही के आरोप उनपर लगाए जा रहे हैं वह बेबुनियाद है। मामला बीते वर्ष नवंबर माह का है और उन्होंने अपनी ड्यूटी सही तरीके से की थी। उनका आरोप था कि डॉक्टरों की लापरवाही का ठीकरा उन पर फोड़ा जा रहा है। सभी सस्पेंड हुए कर्मियों ने मंत्री विज के समक्ष उन्हें बहाल करने की गुहार लगाई मगर मंत्री विज ने कहा कि यह स्वास्थ्य विभाग है। यहां किसी के स्वास्थ्य से खिलवाड़ नहीं हो सकता। विज ने कहा कि लोगों को खून के आंसू रुलाने वालों के लिए उनके पास माफी का कोई खाता नहीं। विज से मिलने आए एंबुलेंस चालक, ईएमटी, नर्सिंग सिस्टर और स्टाफ नर्स को बैरंग वापस लौटना पड़ा। बता दें कि मंत्री विज ने इस मामले में पिछली बैठक के दौरान एसडीएम को जांच रिपोर्ट सौंपी थी और जांच रिपोर्ट आने पर ही चारों को उसी रिपोर्ट के आधार पर सस्पेंड किया गया है।