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-अंबाला सिटी के आब्जर्वेशन होम से 9 बाल बंदियों के फरार होने का मामला-

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सुरक्षा व्यवस्था को धता बता बैरक का ताला तोड़ सीढ़ी से दीवार फांदकर बाल सुधार गृह से नौ बंदी भागे
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी।
सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए अंबाला स्थित बाल सुधार गृह से शनिवार देर रात नौ नाबालिग बंदी दीवार फांदकर भाग गए और किसी को भनक तक नहीं लगी। जिस एरिया में यह बाल सुधार गृह है वहां कोर्ट परिसर, थाना और डीसी ऑफिस समेत कई कार्यालय है जिसके कारण कड़ी सुरक्षा रहती है। लेकिन फिर भी नौ नाबालिग बैरक का ताला तोड़कर सीढ़ी के सहारे दीवार फांदकर भाग गए। जानकारी अनुसार जो नाबालिग भागे हैं उनमें से अधिकतर पर गंभीर केस दर्ज हैं। ऑब्जर्वेशन होम अंबाला सिटी से बाल बंदियों के भागने के मामले में मिलीभगत की आशंका है। फिलहाल अंबाला पुलिस ने बाल सुधार गृह के सुपरिंटेंडेंट भूपेंद्र सिंह की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

रात डेढ़ बजे के बाद की घटना
अंबाला शहर स्थित कोर्ट कांप्लेक्स के पास बने बाल सुधार गृह से नौ बंदी भागने का पता सुबह करीब छह बजे उस समय चला जब स्टाफ ने कमरे का दरवाजा खुला देखा। बताया गया है कि शनिवार देर शाम सभी बंदियों को उनके कमरे में बंद किया गया था। रात को करीब डेढ़ बजे वार्डर ने चेकिंग भी की और उस समय तक सब कुछ ठीक ठाक था। डेढ़ बजे के बाद हुई घटना के समय दो सुरक्षाकर्मी तैनात बताए गए हैं।
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लोहे के पाइप से तोड़ा ताला
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन नाबालिग बंदियों ने स्टाफ से नजर बचाकर एक लोहे का पाइप छिपाकर अपने कमरे में रखा। इस पाइप के सहारे कमरे का ताला तोड़ा और बाहर आए। इस दौरान यह सभी कमरे के साथ बने बाथरूम में गए और वहां से बाहर जाने वाले रास्ते के दरवाजे का ताला तोड़ा। इसके बाद बाल सुधार गृह की दीवार के पास पहुंचे और करीब पंद्रह फुट ऊंची दीवार के साथ सीढ़ी लगाकर दीवार फांदकर भाग गए। बाद में जब सुरक्षाकर्मियों ने कमरे को खुला देखा और पता चला कि नौ बंदी फरार हो चुके हैं।

मौके पर पहुंचे अधिकारी
नौ नाबालिग बंदियों के भागने की सूचना के बाद एसपी अंबाला अभिषेक जोरवाल, एसडीएम सतेंद्र सिवाच, चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर बलजीत कौर, सीडब्ल्यूसी मेंबर गुरदेव सिंह, जेजे बोर्ड के सदस्य अमित, बाल संरक्षण अधिकारी मेघा सिंगला मौके पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने घटना की जानकारी ली। सीन ऑफ क्राइम की टीम ने भी जांच की।

क्षमता 50 की रखे हैं 122 बंदी, सीसीटीवी भी टूटे
सिटी स्थित बाल सुधार गृह में इस समय 122 नाबालिग बंदी हैं। बताया जाता है कि इस ऑब्जर्वेशन होम में करीब 50 बाल बंदियों को ही रखने की क्षमता है। यहां कई बार बंदी आपस में भिड़ चुके हैं, जिसके दौरान इन्होंने सीसीटीवी कैमरे तक तोड़ दिए थे। यह सीसीटीवी कैमरे अभी तक बेकार पड़े हैं, जबकि इसे लगाए जाने की कागजी कार्रवाई जारी थी।


यह उठ रहे हैं सवाल
बाल बंदियों के पास लोहे का पाइप कैसे पहुंचा
कमरे का ताला तोड़कर बंदी बाहर पहुंचे और किसी को भनक तक नहीं लगी
सीढ़ी कैसे खुले में रह गई
पास में ही कोर्ट परिसर, थाना है, जहां सिक्योरिटी रहती है, इसके बावजूद बाल बंदी यह क्षेत्र कैसे क्रॉस कर गए

भागे नौ नाबालिगों पर ये केस दर्ज
जंडली अंबाला निवासी नाबालिग पर पाक्सो एक्ट और धारा 506 के तहत केस
शामली, उत्तर प्रदेश निवासी नाबालिग पर पाक्सो एक्ट और धारा 506 के तहत केस
पानीपत निवासी नाबालिग पर धारा 457 और 380 के तहत केस दर्ज
सोनीपत निवासी नाबालिग पर धारा 376 और 456 के तहत केस दर्ज
पानीपत निवासी नाबालिग पर धारा 379बी और 307 का मामला जीआरपी में दर्ज
कुरुक्षेत्र निवासी नाबालिग पर धारा 148, 149, 302, 452 के तहत मामला दर्ज
यमुनानगर निवासी नाबालिग पर धारा 377, 506 और 32 के तहत मामला दर्ज
कैथल निवासी नाबालिग पर धारा 302 और 201 के तहत मामला दर्ज
पटियाला निवासी नाबालिग पर धारा 302 के तहत मामला दर्ज

अंबाला शहर स्थित बाल सुधार गृह से भागे बच्चों के मामले में एसडीएम अंबाला सिटी सतेंद्र सिवाच को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। निर्देश दिए हैं कि मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई कर संबंधित रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय में प्रस्तुत करें। मामले में जिस भी अधिकारी या अन्य की संलिप्तता पाई जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। - शरणदीप कौर बराड़, डीसी अंबाला
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ऑब्जर्वेशन होम से बच्चों के भागने के मामले में पुलिस ने टीमें गठित की हैं। यह टीमें जगह-जगह दबिश दे रही हैं। जल्द ही इन सभी को काबू कर लिया जाएगा। यदि किसी कर्मचारी अथवा अन्य की भूमिका पाई जाती है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई अवश्य होगी। - अभिषेक जोरवाल, एसपी अंबाला
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