अवैध निर्माण की शिकायत करने वाले पर हमला
अंबाला कैंट।
स्टाफ रोड पर ओल्ड ग्रांट प्रापर्टी ग्रैंड होटल परिसर में अवैध निर्माण के मामले में बुधवार को विवाद हो गया। पहले निगम टीम यहां पर दो अवैध निर्माणों को तोड़ने गई। एक निर्माण तो टीम ने गिरवा दिया, मगर दूसरा निर्माण गिराने लगी तो टीम को स्थानीय लोगों ने कार्रवाई से रोका। इसके बाद टीम बैरंग लौट गई। फिर, गुस्साएं लोगों ने मामले के शिकायतकर्ता व प्रापर्टी के मैनेजर नवतेज सिंह टीम पर हमला बोल दिया। उन्होंने भागकर घर में छिप अपनी जान बचाई। तुरंत उन्होंने बीसी बाजार चौकी पुलिस को सूचना दी जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। बाद में मैनेजर नवतेज सिंह ने महिला व तीन अन्य के खिलाफ मामले की शिकायत बीसी बाजार चौकी पुलिस से कर दी है।
ऐसे हुआ विवाद
गत दिनों नवतेज सिंह ने ओल्ड ग्रांट प्रापर्टी पर अवैध निर्माण की शिकायत नगर निगम को सौंपी थी जिस पर कार्रवाई करते हुए निगम टीम ने अवैध निर्माण रूकवा दिया था। अवैध निर्माण करने वालों को सात दिन तक निर्माण गिराने का समय दिया था, मगर ऐसा नहीं किया गया। बुधवार दोपहर निगम के बिल्डिंग इंस्पेक्टर तेजिंद्र सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे। एक घर में तो उन्होंने अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया, मगर दूसरे घर में जब निगम टीम कार्रवाई करने लगी तो यहां पर रहने वाली महिला चंदा व अन्य ने टीम का विरोध जताया जिस वजह से टीम को बैरंग लौटना पड़ा। मैनेजर नवतेज सिंह ने आरोप लगाया कि टीम के जाते ही चंदा व अन्य ने उन पर हमला बोल दिया और उनसे बचने के लिए वह परिवार सहित घर में छिप गए जिसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने बयान दर्ज किए। शिकायत में नवतेज सिंह ने चंदा के अलावा सुमित, आकाश और दिनेश पर उन पर और परिवार पर हमला करने और जान से मारने की धमकियां देने के आरोप लगाए हैं। मामले में पुलिस ने आगामी कार्यवाही आरंभ कर दी है।
ओल्ड ग्रांट प्रापर्टी पर है कई कब्जा धारक
बता दें कि स्टाफ रोड पर ओल्ड ग्रांट प्रापर्टी ग्रांट होटल के कई किराएदार हैं। यहां पर पहले होटल था मगर बाद में यहां पर लोगों ने कब्जा जमा लिया। प्रापर्टी के लीज धारक चंडीगढ़ निवासी व्यक्ति है जिन्होंने प्रापर्टी की देखरेख का जिम्मा नवतेज सिंह को सौंप रखा है। प्रापर्टी पर नया निर्माण करना प्रतिबंधित है। पूर्व में इस जमीन को लेकर राज्य सरकार व लीज धारक के बीच में हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन था। मगर मामले में लीज धारक के पक्ष में फैसला हुआ था।