लावारिस पशुओं को लेकर लामबंद हो रही ट्विन सिटी, सेवा सदन ने सौंपा डीसी को ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। ट्विन सिटी में लावारिस पशुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। क्षेत्रवासियों में इसको लेकर आक्रोश है। प्रशासन व निगम की लापरवाही से गली-मोहल्लों के अलावा मुख्य सड़कों पर लावारिस पशुओं की भरमार है। अधिकारियों को चेताने के बावजूद भी अब तक कोई सुधार नहीं हुआ है जबकि बीते कुछ दिन से यह मुद्दा ट्विन सिटी में सबकी जुबान पर है। सोमवार को सेवा सदन ने लावारिस पशुओं पर लगाम कसने के लिए डीसी को ज्ञापन सौंपा, वहीं एंटी क्रप्शन सोसाइटी ने भी बैठक कर ट्विन सिटी को लावारिस पशु मुक्त बनाने की मांग उठाई। इससे पहले भी कई संस्थाएं इस मामले को लेकर प्रशासन व निगम अफसरों को चेता चुकी हैं, मगर कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं किया जा रहा। कुछ दिन पहले ही इसी मुद्दे को लेकर यूथ कांग्रेस ने भी विरोध प्रदर्शन कर डीसी को ज्ञापन सौंपा था। सड़कों पर पशुओं की भरमार है जिस कारण हादसे हो रहे हैं। बीते माह पशु की चपेट में आकर घायल हुए व्यक्ति की अभी तीन दिन पहले ही मौत हो गई थी।
सदन सदस्य बोले, पशुओं को पकड़ लगाया जाए जुर्माना
सेवा सदन सदस्यों ने डीसी शरणदीप कौर को ज्ञापन सौंप लावारिस पशुओं के खिलाफ अभियान चलाने की मांग की। सदस्यों ने कहा कि अधिकतर ग्वाले ही पशुओं को सड़कों पर छोड़ रहे हैं जिससे लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि पशुओं को यदि कोई छुड़वाने आए तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जाए। गाय, घोड़े, स्ट्रीट डॉग्स से लोग इस समय परेशान हैं और इस पर प्रशासन को ध्यान देने की जरूरत है। डीसी ने इस संबंध में कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस दौरान सदन के अध्यक्ष आशीष अग्रवाल, महासचिव विकास जैन, उपाध्यक्ष गगन मरवाह, विजय शर्मा, अमित वशिष्ठ, विक्रम शर्मा, गौरव गुगलानी व अन्य मौजूद रहे।
सोसाइटी ने दिया मदद का भरोसा
एंटी क्रप्शन सोसाइटी की बैठक सोमवार को हुई जिसमें लावारिस पशुओं के खिलाफ अभियान चलाने की मांग की गई। सोसाइटी अध्यक्ष सचिन जायसवाल ने कहा कि पशुओं के कारण हादसों में बढ़ोतरी होती जा रही है और लोगों की मौत तक हो रही है। उन्होंने कहा कि सोसाइटी इस मसले पर हर संभव मदद के लिए तैयार है। इस अवसर पर संस्था के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
बीस दिन दिए थे कोर्ट ने, दस दिन में कुछ नहीं किया
लावारिस पशुओं के मामले में वकीलों ने यूटीलिटी कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट में निगम ने 20 दिन के अंदर व्यापक स्तर पर कार्रवाई का दावा किया था, मगर दस दिन बाद भी धरातल पर कोई सुधार नहीं हुआ है। याचिकाकर्ता एवं वकील रोहित जैन ने कहा कि ट्विन सिटी के लोग इस समय लावारिस पशुओं से त्रस्त हैं, उन्हें राहत मिलनी चाहिए।
बराड़ा में चलाया अभियान, स्थिति जस की तस
नगर पालिका बराड़ा दो घंटे का अभियान चलाकर बेसहारा पशुओं को पकड़ कर भले ही कस्बे को लावारिस पशु मुक्त करने का दावा करती हो लेकिन हकीकत कुछ ओर ही बयां कर रही है। बराड़ा की सड़कों पर अब भी लावारिस पशु घूम रहे हैं। वाहन चालक दिनेश चौहान, अभिषेक व रवि सैनी ने बताया कि सड़कों के बीचों बीच बैठे पशुओं से हादसे का अंदेशा बना रहता है। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष 16 सितंबर को बराड़ा लावारिस पशु मुक्त करने का अभियान चलाया था, मगर अब हालात जस के तस हैं। कस्बावासी राजेश, मंदीप, सोनू, बिजेंद्र आदि ने बताया कि पिछले कई दिन से शहर में पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। नगर पालिका सचिव अजय वालिया ने बताया कि पिछले करीब एक हफ्ते से पशुओं को पकड़ने का अभियान चलाया जा रहा है। टीम ने पिछले एक हफ्ते में करीब 15 पशु पकड़े हैं।