अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। नेशनल मेडिकल कमीशन बिल के विरोध में शनिवार को देशभर में निजी डॉक्टर एक दिन की सांकेतिक हड़ताल पर रहे। हड़ताल के चलते सभी प्राइवेट डॉक्टर्स ने ओपीडी बंद रखी, जिसके चलते मरीजों को सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए जाना पड़ा।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के जिला प्रधान डॉ. अशोक सारवाल ने कहा कि यह हड़ताल पूरी तरह से सफल रही है। इसमें प्रदेशभर के 10 हजार के लगभग डॉक्टर शामिल हुए। उन्होंने बताया कि बिल में एक ब्रिज कोर्स करवाकर उन्हें डॉक्टर की डिग्री देने का प्रारूप भी बनाया जा रहा है जिसमें मात्र तीन साल में एक चिकित्सक तैयार हो जाएगा, जबकि एक विशेषज्ञ को तैयार होने में 11 साल से अधिक का समय लगता है। ऐसे में सरकार से सवाल किया जाना चाहिए कि क्या मेडिकल फील्ड में लोगों को गुणवत्ता चाहिए या 3 साल के ब्रिज कोर्स वाले चिकित्सक चाहिए। डॉ. सारवाल ने कहा कि बिल के अनुसार अब एमसीआई में मात्र 6 सदस्यों का चुनाव होगा जबकि 23 ऐसे सदस्यों को शामिल किए जाने का प्रावधान किया गया है, जो चिकित्सा के क्षेत्र के बाहर के सदस्य होंगे। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने इस बिल को वापस नहीं लिया तो रणनीति बनाकर और अधिक रोष जताया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस बारे विधायक असीम गोयल को भी प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। शनिवार को डॉक्टरों की अंबाला शहर के एक रेस्टोरेंट में बैठक हुई जिसमें डॉ. बीएस जसपाल, राजीव अग्रवाल, डॉ. रवि गर्ग, डॉ. एनपी सिंह, डॉ. कपिल गौरा, सुधीर महत्ता सहित अनेक डॉक्टर मौजूद थे।