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ट्रक आपरेटरों की हड़ताल का अब पडने लगा असर

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अमर उजाला ब्यूरो
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अंबाला सिटी। आल इंडिया ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के आह्वान पर ट्रक आपरेटरों की सातवें दिन में पहुंची हड़ताल से अब जनजीवन पर असर पड़ने लगा है। हजारों ट्रकों के पहिये थमे हुए हैं जिस कारण ट्रकों से माल की लोडिंग व अनलोडिंग करने वाले हजारों मजदूर एक सप्ताह से बेकार बैठे हैं। इतना ही नहीं मोटर मार्केट में कामकाज लगभग ठप हो गया है और पेट्रोल पंपों पर 45 प्रतिशत तक डीजल की बिक्री औंधे मुंह आन गिरी है। सब्जियों पर भी अब आंशिक असर पड़ना आरंभ हो गया है। बड़ी गाड़ियों से सप्लाई नहीं हो रही और छोटे वाहनों के जरिए सब्जियां मंडी तक पहुंच रही हैं। ट्रांसपोर्ट यूनियन के सदस्यों ने वीरवार को सड़कों पर चलने वाले ट्रकों को जहां रोका, वहीं मुख्य ट्रांसपोर्ट कंपनियों में पहुंचकर पूर्ण रूप से चक्का जाम का आह्वान किया। हड़ताल का असर अब आगामी दिनों में और व्यापक होगा जिससे आमजन के लिए समस्या उत्पन्न हो सकती है।
काम नहीं होसे से बेकार बैठे मजदूर
जिलेभर में हजारों ट्रकों के पहिये थमे हुए हैं जिस कारण मजदूरों के पास बीते एक सप्ताह से कोई काम नहीं है। इस समय दस हजार से अधिक मजदूर विभिन्न ट्रांसपोर्ट कंपनियों में माल की लोडिंग व अनलोडिंग में लगे हुए हैं। एक ट्रक से माल उतारने के लिए प्रति मजदूर औसतन पांच सौ रुपये दिहाड़ी होती है। यदि मजदूर दिन में चार-पांच ट्रकों से माल उतरवाता है तो दिहाड़ी दो हजार से भी ज्यादा बन जाती है। गति, सेफ एक्सप्रेस, सेना नगर, मोहड़ी, मोहड़ा, कुलदीप नगर, दुखेड़ी, मंडौर आदि क्षेत्रों में भारी मात्रा में ट्रकों से माल की लोडिंग व अनलोडिंग होती है और अब काम नहीं होने से मजदूर बेकार बैठे हैं।
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डीजल की बिक्री अब कारों तक सिमित
ट्रांसपोर्ट सेवा पूर्ण रूप से ठप होने के कारण पेट्रोल पंपों की सेल 45 प्रतिशत गिर गई है। डीजल की बिक्री अब केवल कारों आदि तक ही सीमित रह गई है। अंबाला पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष रविंद्र ढिल्लों बताते हैं कि हड़ताल के कारण अब ट्रक डीजल भरवाने आ ही नहीं रहे हैं। माल डिलीवरी के लिए एक ट्रक में करीब 300 से 700 लीटर तक तेल डलवा लेता था, मगर एक सप्ताह से डीजल की बिक्री पर पंपों पर खासा असर पड़ा है। वहीं कई ट्रांसपोर्टरों का पंपों पर कांट्रेक्ट है जोकि माहभर की बिलिंग के पास पैसे पंप मालिकों को सौंपते हैं। एक सप्ताह में एक लीटर डीजल की आपूर्ति नहीं हुई है।
मोटर मार्केट में काम नहीं
सिटी की मोटर मार्केट ट्रकों की जिले में सबसे बड़ी मार्केट है जहां सर्विस, किसी तरह की मरम्मत, टायरों की बिक्री आदि कार्य सबसे ज्यादा होते हैं। यहां पर सैकड़ों दुकानें है, मगर अब कामकाज नहीं है। ट्रकों की सर्विस आदि के लिए कोई चालक नहीं आ रहा, जबकि ट्रकों के टायरों का यहां सबसे ज्यादा काम है। मगर अब ट्रक नहीं चलने के कारण यह काम भी ठप है।
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ट्रांसपोर्ट यूनियन सदस्यों ने बंद का किया आह्वान
अंबाला ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन व अन्य यूनियनों ने एकजुट होकर वीरवार को बंद का आह्वान किया। इस दौरान यूनियन सदस्यों ने बड़ी कंपनियों का दौरा किया। यह सुनिश्चित किया गया कि बंद के दौरान कहीं से कोई गाड़ी लोड न हो। अलग-अलग ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के प्रधान शशिकांत शर्मा, नरेंद्र शर्मा, शीशपाल मोर व तिलक राज एवं पूर्व प्रधान संजीव पराशर आदि ने मिलकर सरकार की नीतियों का विरोध जताया। उन्होंने कहा कि सरकार को यूनियन की मांगों पर जल्द कार्रवाई करनी चाहिए ताकि जनता को राहत मिल सके। मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी।
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