कॉलेज और हॉस्टल फीस पर लिए जा रहे जुर्माने के विरोध में छात्राओं ने की नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो
मुलाना।
एमएम यूनिवर्सिटी मुलाना की बीएससी नर्सिंग की छात्राओं का कॉलेज फीस और हॉस्टल फीस पर लिए जा रहे जुर्माने के खिलाफ जारी प्रदर्शन शनिवार दोपहर तक चला। छात्राएं यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए जमकर बरसी और नारेबाजी करते हुए न्याय की गुहार लगाई। वहीं छात्राओं ने यूनिवर्सिटी जाने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया, जबकि केवल मरीजों को अंदर आने-जाने दिया गया। इस बीच यूनिवर्सिटी के अन्य छात्रों और प्रदर्शन कर रही छात्राओं के बीच बहस भी हो गई। प्रदर्शन कई घंटों तक जारी रखने के बाद भी यूनिवर्सिटी प्रबंधन और प्रशासन की तरफ से भी कोई छात्राओं की बात सुनने के लिए कोई नहीं आया। उधर, एमएम यूनिवर्सिटी के चेयरमैन तरसेम गर्ग ने कहा कि नियम अनुसार ही काम किया जा रहा है, जबकि अतिरिक्त जुर्माना नहीं लगाया गया है।
इसी बीच दोपहर मुलाना थाना प्रभारी राजेश कुमार मौके पर पहुंचे और छात्राओं को समझाया। किसी भी समस्या का हल होता न देख व यूनिवर्सिटी की चार दिन की छुट्टी होने के कारण 15 फरवरी तक छात्राओं ने प्रदर्शन स्थगित कर दिया। साथ ही अपनी लिखित शिकायत मुलाना थाना प्रभारी को सौंपी। छात्राओं ने बताया कि वह अपना जुर्माना माफ करवा कर ही दम लेंगी। यदि फिर भी उनका जुर्माना माफ नहीं किया जाता तो वह परिजनों के साथ आगे की रणनीति तैयार करेंगी।
यह है मामला
छात्राओं ने बताया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा उनकी फीस पर भारी भरकम जुर्माना लगाया गया है जोकि 15 से 20 हजार रुपये तक है। छात्राओं के अनुसार हॉस्टल में बालकनी होने का अतिरिक्त शुल्क चार हजार तक फीस में जोड़ा गया है जोकि गलत है। उन्होंने बताया कि एक बालकनी का कई छात्राएं प्रयोग करती है ऐसे में यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट केवल बालकनी के नाम पर ही हजारों पर ऐंठने का काम कर रही है। प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट पर कई गंभीर आरोप भी लगाए।
यूनिवर्सिटी प्रशासन तक शिकायत पहुंचाने के आश्वासन पर छात्राओं ने धरना खत्म कर दिया है। छात्राओं ने लिखित शिकायत दे दी है जिसके आधार पर यूनिवर्सिटी प्रशासन से समाधान की बात की जाएगी।
- राजेश कुमार, मुलाना थाना प्रभारी