अंबाला सिटी। जिले में सड़क सुरक्षा अभियान जारी है मगर इसका असर कहीं पर भी दिखाई नहीं दे रहा है। यही कारण है कि इस वर्ष जनवरी से लेकर अप्रैल तक ओवर स्पीड के करीब 13048 चालान किए गए हैं, जबकि बीते वर्ष इन्हीं चार महीने में 1354 चालान किए गए थे।
हालात अब ये हो गए हैं कि दो पहिया चालकों को जुर्माना तो मंजूर है मगर हेलमेट पहनने और नियमों का पालन करने से परहेज करते हैं। कहीं पर युवा बिना नंबर प्लेट के वाहन पर घूमते हैं तो कहीं पर एक ही दोपहिया वाहन पर तीन- तीन लोग सवार हाेते हैं। कई बार हादसों में देखा गया कि मरने वालों ने हेलमेट तो पहना होता है मगर वह अच्छी गुणवत्ता का नहीं होता। इसी कारण दो पहिया वाहन चालकों की जान चली जाती है। बड़े वाहन चालक भी समय बचाने के लिए तेजगति में गलत तरीके से ओवरटेक करते हैं, इसलिए हादसे हाेते हैं।
केस एक
बीते माह ही नसीरपुर के पास एक बस ने बाइक सवार को अपनी चपेट में ले लिया था, जिसमें पाया गया था कि बस चालक अधिक रफ्तार से ओवरटेक करने का प्रयास कर रहा था। इसी कारण बाइक सवार बस के नीचे आ गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
केस दो
वहीं एक अन्य मामले में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ चौक के पास एक प्राइवेट बस चालक ने सड़क पार कर रहे युवक को कुचल दिया था, जिससे उसकी भी मौके पर ही मौत हो गई थी। प्राइवेट बस चालक भी ओवरटेक करने का प्रयास कर रहा था।
- इस वर्ष अप्रैल तक किए गए चालान
- बिना हेलमेट बाइक चलाने पर- 923
- चार पहिया वाहनों में सीट बेल्ट न लगाने पर- 365
- वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग करने पर- 25
हमारी ओर से नियमित ओवर स्पीड और हेलमेट के चालान किए जा रहे हैं, इसके साथ ही लोगों को नियमों के आधार पर ही वाहन चलाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
इंस्पेक्टर जोगिंद्र सिंह, यातायात प्रभारी अंबाला।