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मीटर रीडिंग में गड़बड़ी जारी, बैठक में आदेश के बाद भी नहीं काटे कनेक्शन
- सीजीआरएफ चेयरमैन सीएम जीएल बंसल ने आदेश की अवहेलना पर अधिकारियों को लगाई फटकार
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। शहर बलदेव नगर में स्थित बिजली कार्यालय में वीरवार को बिजली सभा का अयोजन किया गया। इसमें लोगों ने बिजली से संबंधित आ रही शिकायतों को अधिकारियों के सामने रखा। इस दौरान पांच शिकायतें आई। बता दें कि अब उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के स्थानीय बिजली अधिकारियों के लिए उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम (सीजीआरएफ) द्वारा दिए गए आदेश भी मायने नहीं रखते। वीरवार को आयोजित बिजली सभा में एक से दो मामले पहुंचे तो सीजीआरएफ चेयरमैन सीएम जीएल बंसल ने संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। चेयरमैन ने ट्विन सिटी के कार्यकारी अभियंताओं और एसडीओ के बैठक में उपस्थित नहीं रहने पर भी एतराज जताया। अंबाला सर्कल के अधीक्षक अभियंता आरके खन्ना के कार्यालय में आयोजित बिजली सभा में जहां बिजली बिलों से संबंधित त्रुटियों का आना जारी रहा, वहीं सीजीआरएफ द्वारा अगस्त में हुई बैठक में आदेश दिए जाने के बावजूद कनेक्शन नहीं काटा गया। चेतन चौहान नामक उपभोक्ता ने चेयरमैन को बताया कि उसने अप्रैल में अपने एसपी कनेक्शन काटने के लिए आवेदन एसडीओ मॉडल टाउन को दिया था, लेकिन कई बाद आग्रह करने के बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं की गई तो उसने 20 अगस्त को हुई आरजीसी की बैठक में आवेदन किया और चेयरमैन ने आदेश भी जारी किए लेकिन आज तक वह कनेक्शन नहीं काटा गया और बिना मतलब बिजली बिल भेजा जा रहा है। सीजीआरएफ चेयरमैन ने इस मामले में एसई आरके खन्ना को कहा कि छोटे छोटे मामलों की कहां तक फाइलें बनाएंगे।
बिजली बिल वसूला, नहीं जोड़ा कनेक्शन
पंचकूला से आए सैन्य कर्मी हरदीप सिंह ने कहा कि वह चार बार इस बैठक में आ चुके हैं, लेकिन उसकी किसी समस्या का समाधान नहीं हुआ। उसके रिश्तेदार का बिजली बिल उनसे वसूले जाने के बावजूद आज तक काटा गया कनेक्शन नहीं जोड़ा गया। यहीं नहीं उसके पूजा विहार स्थित घर के दरवाजे के आगे 2002 में लगाए गए बिजली के खंभे को आज तक नहीं हटाया गया। उन्होंने कहा कि उनका वह घर खाली पड़ा है और बिजली विभाग ने उसका भरपूर फायदा उठाते हुए कई लोगों को उसकी छत से तार गुजार कर कनेक्शन आवंटित कर दिए गए हैं। बार बार गुहार लगाने के बावजूद उनकी किसी समस्या का हल नहीं हो पाया जबकि सीजीआरएफ ने इन शिकायतों को रफा-दफा भी दिखा दिया। एक अन्य मामले में सेक्टर-10 निवासी प्रमोद राठौर ने चेयरमैन को बताया कि उसके घर में लगे बिजली मीटर में रीडिंग पढ़ी ही नहीं जा सकती लेकिन उसे बिल भेजा जा रहा है। उसने बिजली मीटर को बदलवाने की मांग की।
बिजली चोरी में काटी जेल, नहीं लगा मीटर
प्रेम नगर के प्रवीण सबलोक का कई वर्ष पुराना मामला वीरवार को भी निपट नहीं पाया। बिजली चोरी के जुर्म में एक महीना जेल काटे चुके प्रवीन सबलोक को 2013 में कोर्ट ने बरी कर दिया था लेकिन उसके बाद से उनके घर पर अंधेरा पसरा हुआ है। बिना बिजली दोनों बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। विभाग उसे 2.81 लाख रुपये जमा करवाने को कह रहा है लेकिन वह उसके परिसर से उतारा गया बिजली मीटर सामने लाने की जिद पर अड़ा है। वीरवार की बैठक के बाद अधिकारियों की अपनी बैठक में इस पर कोई निर्णय लिए जाने की संभावना है। उसे हायर अथॉरिटी के पास अपील करने अथवा कोर्ट में जाने का रास्ता साफ किए जाने की संभावनाएं हैं।