विद्यार्थियों में हिंसा की प्रवृत्ति चिंता का विषय : डॉ. हरीश
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
विद्यार्थियों में बढ़ती हिंसा की प्रवृति और मानसिक तनाव चिंता का कारण है। इस मुद्दे पर मंगलवार को कैंट के एसडी कालेज में सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मोटिवेशनल स्पीकर और साइकॉलजिस्ट डॉ. हरीश शर्मा ने विद्यार्थियों को जीवन में सफल होने के टिप्स दिए।
उन्होंने कहा कि यमुनानगर में हुई प्रिंसिपल की हत्या और स्कूली बच्चों की हत्या के आरोपों में छात्रों की संलिप्तता सामने आने के बाद समाज में बढ़ रही हिंसा पर हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया है। इन वारदातों से शिक्षा जगत के माथे पर भी चिंता की लकीरें हैं। विद्यार्थी कैसे हिंसा और तनाव से दूर रहें इस बारे में शिक्षण संस्थान विशेषज्ञों की राय ले रहे हैं। उन्होंने बच्चों को बताया कि कैसे वे थोड़ा सा प्रयास कर इन परेशानियों या परिस्थितियों से बाहर आ सकते हैं। अपनी नकारात्मक ऊर्जा को कैसे सकारात्मकता में बदलें और बेहतर परिणाम हासिल करें, इसके बारे में भी बताया गया। कालेज प्रिंसिपल डॉ. राजेंद्र चौहान ने इसे जरूरी बताते हुए इसकी सराहना की। उन्होंने कहा कि आगे भी ऐसे आयोजन करवाए जाएंगे।
यह कहा विद्यार्थियों ने
छात्रा आकांक्षा ने कहा कि वक्ताओं जो टिप्स दिए हैं उससे तनाव और गुस्से को कंट्रोल करते हुए माइंड सैट करके पॉजिटिव ऊर्जा में लगाने में मदद मिलेगी। इस तरह के सेमिनार जीवन के हर मुश्किल वक्त में संकटमोचक की भूमिका निभाने का काम करते हैं। विद्यार्थी योगेश ने कहा कि उन्हें बड़े ही अच्छे तरीके से हर बात समझाई गई जो जीवन में काफी काम आएगी। ऐसे आयोजन होते रहने चाहिए। विद्यार्थी जीवन की ऊर्जा को सही दिशा में लगाकर किसी भी प्रदेश या राष्ट्र का भविष्य बदला जा सकता है।