फोटो नंबर : 34 व 35
- क्षेत्र में कूड़ा उठाकर व साफ सफाई के लिए लोगों को कर रहे प्रेरित
- घर के आसपास क्षेत्र के सौंदर्यकरण के लिए स्वयं कर रहे कार्य
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। कर्नल रिपु दमन सिंह सेना में थे तो रक्तदान को उन्होंने एक अभियान बनाया था, अब रिटायर्ड हुए तो अपने शहर को साफ व स्वच्छ बनाने के अभियान में वह जुट गए हैं। कर्नल सिंह ने बेशक छोटे से क्षेत्र से शुरुआत की है, मगर उनका मकसद बड़ा है। डिफेंस कॉलोनी में सेक्टर डी के रहने वाले कर्नल रिपु घर के आसपास साफ-सफाई के लिए किसी सफाई कर्मी पर निर्भर नहीं रहते। नियमित तौर पर आसपास क्षेत्र के फैला कूड़ा उठाकर उसका निपटान करते हैं। इतना ही नहीं पिछले दिनों कॉलोनी की सड़क नई बनी तो इसके बाद हुई अव्यवस्था को सुधारने के लिए उन्होंने अब स्वयं सौंदर्यकरण शुरू कर दिया। वह इलाके में बच्चों को भी इसके लिए प्रेरित कर रहे हैं। कर्नल रिपु दमन सिंह कहते हैं कि अपना स्वयं करने व्यक्ति फिट रहता है साथ ही वह दूसरों को भी प्रेरित करता है।
सौंदर्यकरण के लिए स्वयं कर रहे कार्य
डिफेंस कालोनी में गत दिनों ही इंटर लाकिंग टाइल की नई सड़क बनाई गई है। ठेकेदार ने सड़क तो बना दी मगर रोड के दूसरी तरफ मलबा व मिट्टी के ढेर लगा दिए। इससे क्षेत्र बदसूरत से बना हुआ था। मगर कर्नल सिंह ने स्वयं कार्य करते हुए सफाई अभियान चलाया व सड़क को साफ किया। इतना ही नहीं सड़क के दूसरे छोड़ पर अब सौंदर्यकरण का कार्य आरंभ किया गया है। नई ईंटे लगाकर वह क्षेत्र को व्यवस्थित कर रहे हैं। इस कार्य को वह स्वयं कर रहे हैं। उनका मकसद है कि यहां पर पौधे लगाकर क्षेत्र का पूरी तरह से सौंदर्यकरण किया जाए। इससे पहले भी कर्नल सिंह क्षेत्र में साफ सफाई अभियान बच्चों के साथ मिलकर चला चुके हैं। रोड पर हलके गड्ढे हो या गंदगी हो, वह बच्चों को अपने साथ जोड़कर सफाई के प्रति इलाके में अलख जला रहे हैं।
बच्चों को मिलती है सीख : कर्नल आरडी सिंह
कर्नल आरडी सिंह बताते हैं कि वह चाहते तो मजदूर या माली से भी कार्य करवा सकते थे, मगर जब वह स्वयं कार्य करते हैं तो इससे दूसरों को प्रेरणा मिलती है, साथ ही बच्चों को इससे अच्छी सीख मिलती है। उन्हें देख बच्चे उनका कार्य में हाथ बंटाने के लिए स्वेच्छा से आगे आते हैं। उनमें सीखने की ललक होती है और यहीं से बच्चों को अच्छी शिक्षा साफ-सफाई के लिए प्रदान की जा सकती है। विकसित देश हमसे इसलिए आगे हैं क्योंकि वह अपना कार्य स्वयं करते हैं और हम कार्य करने में शर्म महसूस करते हैं।