मॉक ड्रिल कर परखी सुरक्षा व्यवस्था
स्वतंत्रता दिवस से पहले फिसड्डी निकले सुरक्षा के इंतजाम, डेढ़ घंटे लावारिस पड़ा रहा संदिग्ध पर्स
फोटो नंबर : 41, 43आर, 44, 21, 24,
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। स्वतंत्रता दिवस से पहले जिला पुलिस की पहली मॉक ड्रिल में सुरक्षा के इंतजाम फिसड्डी साबित हुए। लोगों को जागरूक करने और पुलिस मुलाजिमों की कार्यप्रणाली चेक करने के मकसद से पुलिस ने भीड़ वाले राय मार्केट स्थित मिनर्वा काम्पलेक्स को चुना। यहां शाम ठीक चार बजे महिला पुलिस कर्मी अपने पर्स में सर्किट, साबुन की टिकिया में तारे लगा व रिमोट रखकर बिग बाजार में दाखिल हो गई। हैरत रही कि बिग बाजार में तैनात महिला सुरक्षा कर्मियों ने पर्स चेक तक नहीं किया। बेसमेंट में पुलिस कर्मी पर्स छोड़कर बाहर निकल आई। एक घंटे तक यह पर्स लावारिस अवस्था में पड़ा रहा। न स्टाफ न ही ग्राहकों ने इस पर नोटिस किया। एसपी अभिषेक जोरवाल काम्पलेक्स से कुछ दूरी पर अपनी गाड़ी में एक घंटे तक पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाकर बैठे रहे। ठीक एक घंटे बाद कैंट डीएसपी सुरेश कौशिक ने पुलिस कंट्रोल रूम में फोन मिलाकर सूचना दी कि ‘बिग बाजार में संदिग्ध पर्स है जिसमें बम पड़ा है।’ हालांकि कंट्रोल रूम ने तुरंत बिग बाजार मैनेजर के अलावा थाने व चौकियों के स्टाफ को अलर्ट किया। मगर पूरी कार्रवाई के दौरान विभिन्न स्तर पर चूक सामने आई। एसपी जोरवाल ने कहा कि मॉकड्रिल से सीख लेने का आह्वान किया गया है ताकि पुलिस कर्मियों के साथ-साथ पब्लिक भी अलर्ट रहे। मौके पर एडीजीपी आरसी मिश्रा भी मौजूद रहे।
कंट्रोल रूम में सूचना मिलने के बाद थाने व चौकियों के अलावा बम निरोधक दस्ते व अन्य टीमों को सूचना दी गई। मिनर्वा काम्पलेक्स में बिग बाजार शॉपिंग माल के अलावा दो सिनेमाघर व एक दर्जन से ज्यादा प्राइवेट ऑफिस हैं। इसके अलावा इसके आसपास पूरा विकसित बाजार है। जैसे ही पुलिस टीम बिग बाजार पहुंची हड़कंप मच गया। पुलिस ने तुरंत सिनेमाघर खाली करवाए व बिग बाजार को भी बंद करवाया। बिल्डिंग में आफिस भी बंद करवाए गए व स्टाफ को बाजार निकाला गया। इसी बीच बम निरोधक दस्ता बिग बाजार में दाखिल हुआ जहां बेसमेंट से संदिग्ध पर्स को निकाला गया। इसके बाद पर्स को काम्पलेक्स के सामने खाली मैदान मेें ले जाया गया। पर्स से निकले सामान को टीम ने कब्जे में लिया। कार्रवाई देखने के लिए सैकड़ों दुकानदारों के अलावा राह चलते लोगों का जमावड़ा लग गया था। पूरी राय मार्केट में इस दौरान जाम की स्थिति रही और वाहन फंसे रहे।
पुलिस कार्रवाई के दौरान दुकानदार दहशत में आ गए थे, उन्हें लगा की सच में बिग बाजार से बम मिला है, मगर डीएसपी सुरेश कौशिक ने एनाउंसमेंट के जरिये लोगों को बताया कि यह मॉक ड्रिल थी और लोगों को इससे सीखे लेनी चाहिए।
सामने आई यह चूक
- बिग बाजार जैसे बड़े शापिंग मॉल में बिना जांच के संदिग्ध पर्स लिए महिला कैसे आसानी से दाखिल हो गई।
- पर्स लावारिस छोड़ने के बाद स्टाफ ने एक घंटे तक पर्स पर गौर नहीं किया।
- शॉपिंग के लिए आए नागरिकों ने भी पर्स को अनदेखा किया।
- अफरा-तफरी में पुलिस कंट्रोल रूम ने थाने व चौकियों के स्टाफ को बम होने की सूचना तो दी, मगर आपात स्थिति के लिए एंबुलेंस व फायर ब्रिगेड को सूचना देना वह भूल गए।
- सबसे बड़ी गलती सदर थाना स्टाफ की सामने आई। यदि भीड़ भाड़ वाले बाजार में बम होने की सूचना मिली तो उस इलाके को खाली कराने की जिम्मेदारी संबंधित कैंट थाना पुलिस की थी।
- मौके पर पहुंचा थाने व चौकियों का स्टाफ केवल मूक दर्शक बनकर पूरे घटनाक्रम को देखता रहा।
- राय मार्केट रोड या पिछली तरफ रोड पर कोई नाके नहीं लगाए गए।
- लोग आसानी से काम्पलेक्स के आसपास पुलिस की मॉकड्रिल देखते रहे। यदि सच में विस्फोट होता तो अनुमान लगाया जा सकता है कि कितनी जाने जाती।
इस वजह से संवेदनशील अंबाला
- 2 दिसंबर 1996, कैंट स्टेशन पर खड़ी झेलम एक्सप्रेस में विस्फोट।
- 5 अक्तूबर 2011 को कैंट स्टेशन पार्किंग अलॉट में खड़ी कार से पांच किलो आरडीएक्स बरामद।
- सेना क्षेत्र में संदिग्ध सामान कुछ वर्ष पहले मिला था।
- कुछ वर्ष पूर्व पाकिस्तानी जासूस अंबाला से पकड़े जा चुके हैं।
- रेलवे डिवीजनल हेडक्वार्टर के अलावा, आईओसी डिपो व अन्य महत्वपूर्ण सैन्य प्रतिष्ठान।
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मॉक ड्रिल का मकसद सुरक्षा की मजबूती को जानना था। विभिन्न स्तर पर खामियां मिली है जिनमें सुधार किया जाएगा। पुलिस ने स्वयं यह मॉक ड्रिल कराई थी ताकि नागरिकों को भी अलर्ट किया जा सके। लोगों की सुरक्षा में भागीदारी सबसे जरूरी है।
- अभिषेक जोरवाल, एसपी, अंबाला।
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