फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अंबाला में जून और जुलाई में अब तक 73 एमएम कम बरसे हैं मेघ

विज्ञापन
विज्ञापन
अंबाला कैंट। अंबाला में मानसून की बेरुखी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। जून और जुलाई के आंकड़ों पर नजर मारें तो सामान्य ये 73 एमएम कम बारिश रिकार्ड हुई है। ऐसी स्थिति में किसानों को धान की फसल की चिंता सताने लगी है। हालांकि मौसम विभाग अच्छी बारिश की उम्मीद जता रहा है, लेकिन जिस तरह से बारिश हो रही है, उससे किसानों की चिंताएं बढ़ रही हैं।
विज्ञापन

यह है बारिश की स्थिति
अंबाला में हालांकि मानसून सक्रिय हो चुका है, जबकि प्री मानसून और मानसून में बारिश कम हुई है। इस साल जून और जुलाई में अब तक 236 एमएम बारिश रिकार्ड हुई है, जबकि सामान्य स्तर पर यह आंकड़ा 309 एमएम होना चाहिए था। साफ है कि इन दो महीनों में बारिश 73 एमएम कम हुई है। दूसरी ओर स्थिति यह भी है कि बारिश कुछ इलाकों में ही हो रही है, जबकि दिन भर आसमान में कई बार बादल छा रहे हैं। इसी कारण से नमी की मात्रा बढ़ रही है, जबकि गर्मी भी लगातार बढ़ रही है।
अभी और चाहिए बारिश
किसानों की मानें, तो अभी तक बारिश हुई है, उससे काम तो चल गया है, लेकिन धान की रोपाई के लिए अभी और बारिश चाहिए। यदि यह नहीं होती, तो कईं किसानों के लिए दिक्कतें होंगी, जबकि जिन के पास ट्यूबवेल हैं, वे किसी तरह अपना काम चला लेंगे। लेकिन जिनके पास यह व्यवस्था नहीं है, उनके लिए दिक्कत खड़ी होगी।
विज्ञापन

यह कहते हैं किसान
किसानों में तेज प्रकाश, करनैल सिंह, जगीर सिंह, हरपाल सिंह, मनिंदर सिंह, गुरपाल सिंह का कहना है कि खेतों में तो अभी नमी की मात्रा है, जिससे ज्यादा नुकसान नहीं हो रहा है। यदि बारिश नहीं होती, तो धीरे-धीरे दिक्कतें बढ़ेंगी। यदि झमाझम बारिश हो जाए, तो धान की फसल अपनी पकड़ कर लेगी, नहीं तो सिंचाई के लिए किसानों को परेशानियां आएंगी। अब तक की स्थिति बता रही है कि बारिश पूरी तरह से नहीं हो पाई है। दिन में कईं बार आसार तो बन रहे हैं, लेकिन बिन बरसे ही मेघ निकल रहे हैं।
यह है किसानों के लिए सुझाव
- खेतों में मिट्टी को गीला रखें और सूखने न दें
- यदि बारिश होती है, तो उसका पानी स्टोर करके रख सकते हैं
- इन दिनों धान की फसल में कुछ बीमारियां भी आ सकती हैं, जिसके प्रति सतर्क रहें
- सिंचाई के लिए वैकल्पिक बंदोबस्त कर सकते हैं ताकि धन की फसल पर विपरीत असर न पड़े
- अभी मानसून सक्रिय है और बारिश हो सकती है और किसान सिंचाई की व्यवस्था कर सकते हैं
- लो-लाइन एरिया के खेतों में पानी लगातार जमा न रहने दें, जबकि इसका बंदोबस्त भी करें

फोटो नंबर :: 26
पावर हाउस पर किसानों का प्रदर्शन, फसलों की सता रही चिंता
- कहा, बिजली कट के कारण लोगों को हो रही है काफी दिक्कत
शहजादपुर। बिजली समस्या को परेशान होकर ग्रामीणों ने जटवाड़ पावर हाउस पर जमकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि न तो नियमित बिजली मिल रही है और यदि बिजली आती है, तो इस में भी कईं कट लग जाते हैं। ऐसे में किसानों के सामने धान की फसल को बचाना सबसे बड़ी चुनौती साबित हो रहा है। यदि यही हालात रहे, तो दिक्कतें बढ़ सकती हैं। गांव फतेहगढ़, जासपुर, नतटवाल, टोड़ा आदि गांव के किसानों सरपंच जासपुर मनीष, सरपंच फतेहगढ़ विक्रांत शर्मा सहित जगमाल नटवाल, सुनील टोडा, बलजिदर, दलविंदर आदि ने बताया कि किसानों को पर्याप्त मात्रा में बिजली नहीं मिल पा रही है। सरकार किसानों को आठ घंटे बिजली देने का वायदा तो कर रही है, लेकिन यह दो घंटे भी नहीं मिल पा रही। इसी कारण से परेशानियां बढ़ी हैं और फसलों पर भी इसका प्रभाव पड़ा है। उन्होंने कहा कि यदि समस्या का समाधान न हुआ, तो किसान सड़कों पर उतरेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें