अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी/कैंट। हरियाणा शिक्षा नियमावली 134-ए के तहत दाखिला पाने के लिए अब तक जिले में साढ़े छह हजार से अधिक ऑनलाइन आवेदन शिक्षा विभाग को मिल चुके हैं। यह आवेदन गत वर्ष से भी अधिक हैं और अभी 11 अप्रैल को ऑनलाइन आवेदन का अंतिम दिन है। वीरवार को आंकड़ा सात हजार से भी अधिक पहुंच सकता है। सबसे ज्यादा आवेदन ट्विन सिटी में हो रहे हैं और अब शिक्षा विभाग ने ऑनलाइन आवेदन के बाद सूचियां निकालने की तैयारियां शुरू कर दी है। जिन बच्चों के नाम सूची में दर्ज होंगे, वहीं बच्चे 14 अप्रैल को परीक्षा केंद्रों में बैठ सकेंगे। वहीं दूसरी ओर प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन बकाया फीस नहीं मिलने के विरोध में एडमिशन नहीं देने की बात कह रही है। जिससे अभिभावक भी असमंजस की स्थिति में हैं। बच्चों का शिक्षा नियमावली के तहत एडमिशन हो पाएगा या नहीं इसको लेकर अब तक कुछ स्पष्ट नहीं है। बीते दो वर्षों की बात करें तो सरकार पर ट्विन सिटी के स्कूलों का 75 लाख रुपये से अधिक बकाया है। इसी को आधार बनाकर प्राइवेट स्कूलों ने अपने हाथ दाखिला देने से पीछे खींच रहे हैं।
परीक्षा को लेकर कैंट में तय किए केंद्र
एसडीएम विवेक चौधरी के नेतृत्व में बुधवार दोपहर को फारूखा खालसा स्कूल में शिक्षा विभाग के अधिकारियों और प्राइवेट स्कूल संचालकों की बैठक हुई। इसमें परीक्षा केंद्र तय किए गए। 14 अप्रैल को 134-ए के तहत दाखिले के लिए होने वाली परीक्षा के लिए कैंट में फारूखा खालसा स्कूल, राजकीय स्कूल मेन ब्रांच एवं बीसी बाजार स्थित स्कूल का चयन किया गया है। इसी तरह सिटी में परीक्षा केंद्रों का चयन वीरवार को किया जाएगा।
कितनी सीटें और कितने आवेदन अब तक
ट्विन सिटी में 142 प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन के लिए अबकी बार काफी संख्या में आवेदन हुए हैं। कैंट में कुल सीटों से लगभग दोगुने आवेदन हो गए हैं जबकि इनके और बढ़ने की उम्मीद है। कैंट में कुल 831 सीटें हैं जबकि आवेदन 1559 तक पहुंच गए हैं। इसी तरह सिटी में कैंट से भी ज्यादा 2188 सीटें हैं जबकि आवेदन अभी 2553 तक मिल चुके हैं। इसी तरह नारायणगढ़ में अब तक शिक्षा विभाग को 1172, बराड़ा में 336, साहा में 217 और शहजादपुर में 377 आवेदन मिले हैं।
बीते वर्ष इतने आवेदन और इतने एडमिशन
वर्ष 2018 की बात करें तो आवेदनकर्ताओं की संख्या कम थी। सिटी में 1802 विद्यार्थियों ने आवेदन किया था जबकि 1801 विद्यार्थी परीक्षा में बैठे थे। 737 ही परीक्षा को पास कर सके थे। इसी तरह कैंट में 769 ने आवेदन किया था, 736 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी और 427 ही परीक्षा को पास कर सके थे।
बीते दो वर्षों का 75.53 लाख बकाया
सरकार ने पिछले दो वर्षों में 134-ए के तहत एडमिशन के बदले प्राइवेट स्कूलों को राशि नहीं दी है, जिसको लेकर विरोध के स्वर उठ रहे हैं। ट्विन सिटी के स्कूलों की बात करें तो यह राशि 75.53 लाख रुपये है जो सरकार से अभी जारी ही नहीं हुई है। सिटी में वर्ष 2016-17 के दौरान 14.61 लाख और 2017-18 में 29.32 लाख की राशि है। इसी तरह कैंट में 2016-17 के दौरान 12.06 लाख और 2017-18 में 19.54 लाख रुपये की राशि है, जिसका प्राइवेट स्कूलों को इंतजार है।
हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी निसा
नेशनल इंडिपेंडेट स्कूल एलाइंस एवं फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने कहा कि जब तक राशि स्कूलों को नहीं मिलती तब तक एडमिशन नहीं होगा। यदि सरकार ने जबरन एडमिशन थोपी तो हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा। 134-ए में कई अनियमितताएं हैं, जिन्हें दूर करना जरूरी है। एडमिशन के लिए सरकार ने मेरिट प्रतिशत को गिरा दिया है जबकि लोग फर्जी सर्टिफिकेट बनाकर एडमिशन ले रहे हैं। 134-ए के तहत पूरा फर्जीवाड़ा हो रहा है, जिसकी व्यापक स्तर पर जांच की जरूरत है।