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महिला ने एसएचओ पर अभद्र व्यवहार करने व शिकायत वापस लेने का लगाया आरोप

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अंबाला कैंट। मां-बेटी पर धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज कराने पहुंची एक महिला ने महेशनगर थाने के एसएचओ पर अभद्र व्यवहार करने और शिकायत वापस लेने के लिए धमकाने का आरोप लगाया। मंगलवार को महिला ने कैबिनेट मंत्री अनिल विज से न्याय की गुहार लगाई। मंत्री ने डीएसपी बलजीत सिंह को मामले में कार्रवाई करने को कहा है।
अग्रसेन नगर निवासी रजनी अग्रवाल ने बताया कि पूजा विहार में राजरानी व उसकी बेटी भारती धीमान रहती थी। भारती पंचकूला में एसबीआई में कार्यरत है। आरोप है कि मां-बेटी अन्य महिलाओं से पैसे लेकर ज्यादा पैसे देने का लालच देती थीं। शुरू में उन्होंने लोगों का विश्वास जीता। इसके बाद रजनी ने 2.50 लाख रुपये और उसकी सहेली चंचल गुप्ता ने 2.64 लाख रुपये जमा करा दिए। इसके अलावा भी अन्य कई महिलाओं को मां-बेटी ने अपने झांसे में लिया। इसके बाद अचानक दोनों यहां से चली गईं और पैसे मांगने पर टालमटोल करने लगीं। इस मामले को लेकर रजनी व चंचल पिछले दिनों एडीजीपी आरसी मिश्रा के पास पहुंचीं। मामले की शिकायत डीएसपी अनिल गुर्जर के पास गई तो उन्होंने कहा कि दोनों मामलों की जांच एक साथ होगी और महेशनगर थाने में 20 जनवरी को आईपीसी की धारा 406 और 420 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
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रजनी की ओर से नहीं लिखा गया मुकदमा
रजनी ने बताया कि एफआईआर की कॉपी देखने पर पता चला कि उसकी सहेली चंचल गुप्ता की शिकायत पर मामला दर्ज हुआ है। उसका कहीं नाम ही नहीं है। आरोप है कि इसको लेकर वह शाम को थाने गई तो एसएचओ अजायब सिंह ने काफी बदतमीजी के साथ बात की। इसके अगले ही दिन वह एडीजीपी कार्यालय गई और एडीजीपी आरसी मिश्रा को सारी बात बताई और उनको लिखित शिकायत दे दी। इसके बाद एसएचओ अजायब सिंह ने शिकायत वापस लेने का काफी दबाव बना रहे हैं। रजनी ने मंत्री विज को शिकायत दी कि एसएचओ मुझे व मेरे पति को झूठे केस में फंसाने व जिंदगी खराब करने की धमकी दे रहे हैं। इस मामले की जांच आईपीएस आस्था मोदी से कराई जाए। इसके बाद मंत्री ने डीएसपी बलजीत सिंह को बुलाया और उनको मामले में कार्रवाई करने को कहा।
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मामले की संयुक्त जांच डीएसपी अनिल गुर्जर ने की थी। महिलाओं ने कमेटियां डाल रखी थीं, जिसकी शिकायत आने पर मामला दर्ज कर लिया गया। रजनी अग्रवाल काफी अग्रेसिव हो जाती हैं। उन्होंने पहले भी थाने में अपनी सास को गमला मार दिया था। अभद्र व्यवहार करने का आरोप बेबुनियाद है। मुझे नौकरी करते हुए 30 साल हो गए। मैंने किसी महिला के साथ अभद्र व्यवहार नहीं किया है।
-अजायब सिंह, एसएचओ, महेशनगर थाना
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